जातिय जनगणना असंवैधानिक एवं समाज में भेद पैदा करने वाला: डॉ शंभू!

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अमरदीप नारायण प्रसाद

समस्तीपुर जिले के बिभुतिपुर में बिहार राज्य मठ मंदिर प्रमुख हिंदू जागरण मंच सह पुर्व सांसद विधायक प्रत्याशी रह चुके डॉ शंभू कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी के जातिय जनगणना का निर्णय असामाजिक सोच के साथ असंवैधानिक भी है। संविधान के आर्टिकल सत्रह के अनुसार समानता के सिद्धान्त के तहत जाति धर्म क्षेत्र भाषा लिंग के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है और फिर जातिय टिप्पणी भी गलत है तो जातिय जनगणना सही कैसे होगा ।विधी विशेषज्ञ से विचार किया जाएगा यह अलोकतांत्रिक समाज में भेद पैदा करने वाला है।वर्षो के शासनकाल में कितने कल कारखाने स्थापित किए,पुर्व से स्थापित कल कारखाने बंद क्यू है।यह जनगणना उनके लिए भस्मासुर जैसा सावित होगा जो इनके निरंकुश सत्ता का नाश करने वाला होगा। जनगणना करना है तो आज बेरोजगार युवाओं की जनगणना करा ले। आज तकनीकी शिक्षा के साथ पीएचडी कर बेरोजगार युवाओं की गणना करा ले। कितने लोगों के तन पर कपड़े नहीं है भरपेट पौष्टिक भोजन नहीं मिलता है। कितने होनहार बच्चे पैसे के कारण बीच में पढ़ाई छोड़कर भटक रहे हैं। बेरोजगारी का ही आलम है कि रोजगार के अभाव में भटक कर सही गलत का निर्णय किए बिना अपराध कर अपराधी बन रहें। कितने लोग झूठ के मुकदमों में आरोपी हैं, कितना मां अपने बच्चे के बिना तरप रहीं कितना बच्चें मां पिता के वगैर है कितने लोग लावारिस हालत में रह रहे हैं,कितने लोग दवा और इलाज के बिना तरप कर मरने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कितने लोग न्याय पाने के लिए दौड़ रहें हैं आज बदलते परिवेश में कोई भोजन,दवा, इलाज आवास, शिक्षा के लिए परेशान हैं कोई विकल्प नहीं मिलता है समाज में कितने विधवा घुट घुट कर जीने के लिए बाध्य हो रहें हैं। कितने युवाओं की शादी आमदनी शुन्य होने के कारण नहीं हो रही है आज सभी जाति धर्म में लाखों करोड़ों शोषित पिरित होने के कारण बदहाल स्थिति में जी रहे हैं। कितने परिवार में अभी तक किसी को भी नौकरी नहीं मिली है।इसका गणना करना चाहिए।जातिगत जनगणना की योजना का रोड मेप क्या है कितने दिनों में ये सबकों नौकरी या रोजगार दे देंगे। बढ़ते अपराध का कारण क्या हैं रिस्ते कलंकित क्यू हो रहें,सत्रह वर्ष में कितने को नौकरी और रोजगार दिए हैं यह जनगणना इस सरकार के अंत की कहानी बनेगा।

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