ताजपुर/समस्तीपुर
25 जुलाई 2026
पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन तथा आइसा के बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा-आरवाईए के बिहार बंद के अह्वान के तहत शनिवार को ताजपुर में आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रखंड चौक स्थित नेशनल हाईवे-122 को कुछ समय के लिए जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जुलूस के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। छात्र-युवा आंदोलन को दबाने के लिए सरकार दमनकारी रवैया अपना रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय सरकार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जंतर-मंतर और राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए आंदोलनकारियों की अविलंब रिहाई, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों की वापसी, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, नई शिक्षा नीति (एनईपी) को रद्द करने तथा उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि शिक्षा का निजीकरण और व्यापारीकरण देश के गरीब एवं मध्यम वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित कर रहा है। सरकार को छात्रों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम में आइसा के जीतेंद्र सहनी, मो० जावेद, मो० शाद एवं आरवाईए के आसिफ होदा, मो० एजाज, राॅकी खान, चांदबाबू, मो० मोखालिख, मनोज कुमार सिंह, संजीव राय, भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, राजदेव प्रसाद सिंह, कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी।
























































