[चंद्रकांता न्यूज़ समस्तीपुर बिहार
प्रयागराज । असुरक्षित गर्भसमापन से मातृ मृत्यु दर की संभावना ज्यादा होती है । सुरक्षित गर्भसमापन से होने वाले मातृ मृत्यु दर को रोक जा सकता है। आज समाज मे लड़के लड़कियों में शिक्षा के मुद्दे पर भी भेदभाव किया जाता है। सभी को लड़के लड़कियों के शिक्षा स्वास्थ्य तथा पोषण में समान अवसर देने चाहिए।दोनों अपने है।लड़को के जन्म पर लड्डू बाटते है तो लड़कियों के जन्म पर खुशियां मनानी चाहिये।भारत मे एम टी पी एक्ट 2021 संसोधन महिलाओं तथा लड़कियों को स्वास्थ्य का अधिकार देता है।इसमें दुष्कर्मो से गर्भवती होने वाली लड़कियों को गर्भसमापन का अधिकार देता है।सुरक्षित गर्भसमापन सुलभ स्वास्थ्य विज्ञान तथा डॉक्टरों द्वारा समर्थित है।समाज को इसे कलंक के रूप में नही देखना चाहिये।यह विचार महापौर प्रयागराज अभिलाषा गुप्ता नंदी ने कुलभाष्कर आश्रम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वसेरा तथा अर्पित सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय गर्भसमापन दिवस पर आयोजित महिला स्वास्थ्य अधिकार तथा सुरक्षित गर्भसमापन विषयक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में ब्यक्त किया।उन्होंने बताया कि प्रयागराज नगर निगम स्वच्छता में प्रथम रैकिंग प्राप्त किया है।उन्होंने महिलाओं के मेरा शरीर मेरा नियम अभियान का समर्थन किया।महिला स्वास्थ्य को शिक्षा से जोड़ने की बात कही। उन्होंने सात दिवसीय अभिया में विशेष योगदान के लिये प्रसन्न कुमार घोष ,नाज़िम अंसारी , सचिन सिंह, धीरेंद्र श्रीवास्तव अधिवक्ता, रजनी सिंह, डी एन यादव तथा अर्चना शुक्ला को अंगवस्त्र के साथ गीता सुबोधनी देकर सम्मानित किया।
पूर्व सूचना अधिकारी जे एन यादव ने सदियो से आज तक महिलाओ की स्थिति तथा संघर्ष की जानकारी के साथ उनके संरक्षण के लिये शासन की योजनाओं की जानकारी दिया।श्रीकांत केशरवानी अधिवक्ता उच्चन्यायालय ने एम टी पी एक्ट की आवश्यकताओ पर प्रकाश डाला।बालकृष्ण पांडेय अधिवक्ता ने एम टी पी एक्ट 2021 संसोधन में लड़किगो तथा महिलाओं के अधिकार तथा संरक्षण की जानकारी दिया। डॉ लीना स्वरूपरानी हॉस्पिटल ने एम टी पी एक्ट में चिकित्सीय सुविधाओं की जानकारी दिया। डॉ नेहा अग्रवाल ने महिलाओं के रोग तथा एम टी पी एक्ट के प्राविधानों पर प्रकाश डाला। अभियान संयोजक नाज़िम अंसारी ने सात दिवसीय अभियान की जानकारी दिया।
देवेंद्र कुमार शर्मा सचिव वसेरा ने अभियान चलाने के कारण बताते हुए कहा कि आज बालिकाओ तथा महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्मो से गर्भवती होने वाली नाबालिक लड़कियो तथा महिलाओं को सुरक्षित गर्भसमापन एकमात्र अधिकार है।देश मे असुरक्षित गर्भसमापन मातृ मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है। आज समाज मे जिस तरह नाबालिक बेटियो से दुष्कर्म हो रहा है उसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान कैसे सार्थक होगा।उन्होंने बेटियो को सशक्त होने के लिए आवाहन किया कि
उठो बेटियो शस्त्र उठा लो
अब गोविंद न आएंगे।
संचालन करते हुए अर्चना शुक्ला ने महिला स्वास्थ्य अधिकार तथा सुरक्षित गर्भसमापन अभियान जान जान का अभियान बनाने की बात कही।
अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ गीतांजली मौर्य ने बताया कि हमारा समाज पुरूष प्रधान है।अभी भी निर्णय लेने में पुरुषों को ही प्रधानता होती है।महिलाओं की बराबर भागेदारी के लिये समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है।






















































