द उम्मीद द्वारा संचालित सोशल समर इंटर्नशिप 2026 के 9वें दिन आर्ट्स एवं कल्चर डोमेन के अंतर्गत मिथिला पेंटिंग का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में मिथिला पेंटिंग डोमेन का चयन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग कलाकार सौम्या द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है! प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को मिथिला पेंटिंग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान तथा रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सौम्या ने बताया कि मिथिला पेंटिंग केवल एक कला नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान है, जिसे आज देश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी सम्मान प्राप्त है। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को मिथिला पेंटिंग की मूलभूत तकनीकों, पारंपरिक आकृतियों, प्राकृतिक रंगों के उपयोग, रेखांकन शैली तथा विभिन्न कलात्मक प्रतीकों के महत्व को समझाया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने स्वयं पेंटिंग बनाकर इस लोककला की बारीकियों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्राप्त किया। द उम्मीद के संस्थापक एवं अध्यक्ष Amarjeet Kumar ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) एवं विश्वविद्यालयों की इंटर्नशिप आधारित शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप विद्यार्थियों को केवल पुस्तक आधारित ज्ञान ही नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति, कौशल एवं व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से समर इंटर्नशिप के अंतर्गत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्तीपुर जिले में द उम्मीद द्वारा संचालित यह इंटर्नशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता तथा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर द उम्मीद की टीम एवं इंटर्नशिप से जुड़े मेंटर्स भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण सत्र को अत्यंत उपयोगी बताते हुए मिथिला पेंटिंग के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की।





















































