समस्तीपुर से एम नईमुद्दीन आजाद की रिपोर्ट !
समस्तीपुर (चंद्रकांता)। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह वी आईं पी पार्टी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने आज पटना के 6 स्ट्रैंड रोड आवास पर स्थित जुब्बा सहनी सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेन्स को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे 16 महीने के मंत्री कार्यकाल में मैंने राज्य की 13 करोड़ जनता की सेवा करने का प्रयास किया। सभी जाति – धर्म के लोगों के लिए काम किया। बिहार के भविष्य के लिए पशुपालन एवं मत्स्य क्षेत्र में कुछ निर्णायक कार्य को गति प्रदान किया। बिहार की समस्त जनता एनडीए के सभी सहयोगी दल एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुझे यह अवसर देने के लिए आभार। मैं निषाद समाज को एससी / एसटी आरक्षण, अतिपिछड़ा समाज के आरक्षण को 15% बढ़ाने एवं बिहार के सम्मान और हर जाति धर्म के सम्पूर्ण विकास के लड़ाई के लिए समर्पित हूँ। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष गलत बयानबाज़ी कर रहे हैं। मुकेश सहनी ने संजय जयसवाल के आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया। संजय जयसवाल के ग़ैर परम्परागत मछुआरे को मत्स्यजीवी सहयोग समिति के ऑनलाइन सदस्य बनाने का कार्य पर मुकेश सहनी ने कहा कि यह कार्य भाजपा के ही मंत्री सुभाष सिंह के सहकारिता विभाग से कराया जा रहा है। इस विषय पर सदस्यता अभियान शुरू करने से पूर्व सहकारिता विभाग ने मत्स्य विभाग से मंतव्य तक नहीं लिया। आज भी ऑनलाइन आवेदन के बाद बिना मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री के सहमति के कोई भी सदस्य नहीं बन सकता है। मेरा उद्देश्य सिर्फ़ अधिक से अधिक मच्छुआरो को समिति का सदस्य बनाना था ताकि उनको किसान सम्मान निधि के 6000 रुपये मिल सके। उन्होंने कहा कि मेरे ज़िंदा रहते हुए परम्परागत मछुआरा निषाद समाज का हक़मारी कोई नहीं कर सकता है। संजय जयसवाल के उस आरोप, जिसमें उन्होंने कहा था कि मत्स्यजीवी सहयोग समिति में अध्यक्ष या मंत्री का पद समाप्त कर सरकारी पदाधिकारी बहाल किया जा रहा है, इस पर मुकेश सहनी ने कहा कि मत्स्यजीवी सहयोग समिति में होने वाले आंतरिक विवाद एवं लड़ाई को ख़त्म करने के लिए सहकारिता विभाग के सचिव ने ही मुख्यमंत्री की बैठक में अध्यक्ष और मंत्री पद में से एक पद रखने का सुझाव दिया था, और यह काम सहकारिता विभाग का है तथा विधानसभा से बिना क़ानून में संशोधन के सम्भव ही नहीं है। मुकेश सहनी ने बताया कि मत्स्यजीवी सहयोग समिति को मजबूत करने के लिए उन्होंने हर प्रखंड में कार्यालय खोलने का योजना बनाया, और उसके देखभाल के लिए सरकारी पदाधिकारी बहाल करना था। इन सारे विषय पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अपने सहकारिता मंत्री पर आरोप लगाए या उनसे बात करे तो बेहतर होगा। विभाग से पैसे खर्च नहीं होने के संजय जयसवाल के आरोप पर उन्होंने कहा कि विभाग में जल्द योजना स्वीकृति के लिए उन्होंने जून 2021 में ही दो दो बार पीत पत्र लिखा। काफ़ी सारी योजनायें अपने स्तर से स्वीकृत करने के बाद भी योजनायें लोक वित्त समिति एवं स्क्रीनिंग कमिटी में स्वीकृत नहीं किया गया। इस विषय को 25 फ़रवरी 2022 को आयोजित एनडीए विधायक दल के बैठक में भी मुख्यमंत्री के समक्ष विभाग के द्वारा मछुआरा के हित में पैसा नहीं खर्च होने का बात मज़बूती से उठाया तथा इस्तीफ़ा तक की पेशकश किया था। मुकेश सहनी ने कहा कि वो जनता के बीच जाएंगे, यह अतिपिछड़ा की अस्तित्व की लड़ाई है। पीछे नहीं हटेंगे और आगे की घोषणा जल्द की जाएगी।























































