समस्तीपुर/कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र में डॉ रेड्डी फाउंडेशन वर्षों से एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करती आ रही है।विगत वर्षों से बारिश तथा बाढ़ से छतिग्रस्त हो रहे किसानों के खरीफ फसल के नुकसान से निपटारा हेतु सिघाड़ा की खेती को वैकल्पिक स्रोत के रूप में किसानों के सम्मुख प्रदर्शित किया है।डॉ रेड्डी फाउंडेशन ने जिले के विभिन्न ब्लॉक से चुने हुए लीड फार्मर को मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा के माध्यम से डॉक्टर बी आर जान तथा उनके टीम के सहयोग से दो दिवसीय प्रशिक्षण करवाया गया था।प्रशिक्षण से प्रेरित होकर कल्याणपुर के भागीरथपुर पंचायत गांव कलवारा निवासी एलएफ विनोद कुमार प्रसाद ने 1 एकड़ में सिघाड़ा की खेती करने कि इच्छा जाहिर की। डॉ रेड्डी फाउंडेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक कुमार शांतनु ने तत्काल बीज उपलब्ध करवाएं तथा सीएफ जुली कुमारी एवं सहयोगी साथी के मदद से प्लॉट का निरीक्षण परीक्षण करते हुए पॉप के मद्देनजर सफलतापूर्वक सिघाड़ा की बुवाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ। शांतनु ने उपस्थित किसानों के सम्मुख आकर सिघाड़ा की खेती के फायदे तथा इस फल के गुणवत्ता को विशेष रूप से समझाया।किसानों में उल्लास देखा गया तथा अगले वर्ष बड़े पैमाने पर सिघाड़ा की खेती होने की संभावना देखी जा रही है।सहयोग में जुली कुमारी,प्रभात कुमार झा,संजीव कुमार ठाकुर ,मुकेश कुमार आदि थे।





















































