प्रदीप कुमार नायक
मधुबनी जिले के झंझारपुर बाजार स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन सकल हिन्दू समाज के संयोजक प्रबुद्ध समाजसेवी एवं शिक्षक नवीन ठाकुर के द्वारा किया गया l जिसकी अध्यक्षता काशी नाथ झा ने किया l इस विशाल हिन्दू सम्मेलन में विभिन्न हिन्दू धार्मिक संगठन के प्रतिनिधि एवं सदस्यों ने भाग लिया l इस अवसर पर मंचासीन सदस्यों में विश्व हिन्दू परिषदआर एस एस के प्रान्त कार्यवाहक पंडित जीवेश्वर मिश्र, अजय गर्ग, प्रेम चन्द्र झा,शंकराचार्य के शिष्य जयनाथ महाराज, संत मनमोहन साहेब, सुबोध शास्त्री, राजू साह एवं अन्य व्यक्तियों ने अपनी बातें रखी एवं सनातन धर्म तथा हिन्दू को संगठित होने पर चर्चा किया इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सकल हिन्दू सभा के सदस्य सुबोध दास, रोहित कुमार, अम्बिका कुमारी, प्रियंका कुमारी एवं अन्य सम्मानित लोगों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया l
इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों एवं समाज के बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया l कार्यक्रम की पहली गीत पुनिता शर्मा द्वारा गाया भजन जय जय भैरव असुर भयाभई जानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को ऐसा समा बांधा की श्रोता लोग भक्तिमय में डूब गए l
इस कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहें समाजसेवी नवीन ठाकुर ने कहाँ कि हिन्दू को संगठित होने की आवश्यकता हैं l बहुत हद तक हिन्दू संगठित हुए हैं, और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ते रहना चाहिए l इस अवसर पर प्रमुख वक्ता पंडित जीवेश्वर मिश्र ने विस्तार पूर्वक सनातन धर्म के संघर्ष की कहानी आजादी काल से अब तक कि लोगों के समक्ष रखा l अपने धर्म एवं संस्कृति तथा राष्ट्र के लिए हमेशा तैयार रहने की बात कहीं l इस अवसर पर जयनाथ महाराज ने कहाँ कि हमें आज के समय अपने समुदाय को संगठित करने के लिए अपने विभिन्न तरह के कार्यक्रम करना पड़ रहा हैं l सनातनियों को इस बात को गंभीरता से लेते हुए एकजुट होकर रहने की आवश्यकता हैं l उन्होंने कहाँ कि हमें किसी भी धर्म या मजहब से कोई दुश्मनी नहीं l लेकिन अगर कोई हमारे राष्ट्र संस्कृति एवं हमारे संप्रभूता और हमारे धर्म के विरोध में कार्य करेगा तो हम उन्हें नष्ट करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे l
कार्यक्रम के अंत में लोगों के बीच प्रसाद तथा भंडारा वितरण किया गया और अध्यक्ष के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम की समाप्ति की गई l
आज के दौर में हिन्दू सम्मेलन की क्या आवश्यकता हैं l इस पर समाजसेवी संजय महतो, गणेश महाराण, पप्पू ठाकुर का कहना था कि ऐसे सम्मेलन समाज को जोड़ने, संस्कृति और मूल्यों को आगे बढ़ाने तथा युवाओं को अपनी जड़ो से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं l सम्मान के साथ – साथ संवाद भी जरुरी हैं l क्योंकि संवाद से ही समाज मजबूत होता हैं l























































