आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में अलौकिक रक्षाबंधन महोत्सव का भव्य रूप से आयोजन किया गया।

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मुजफ्फरपुर से पधारीं बिहार ब्रह्माकुमारीज़ सेंटर्स संचालिका राजयोगिनी रानी दीदी ने कहा- रक्षाबंधन का त्योहार पवित्र बनने और बनाने का यादगार पर्व है। विश्व रक्षक परमपिता परमात्मा शिव इस कलियुगी पतित दुनिया में भारत के आबू पर्वत पर प्रजापिता ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर सभी आत्माओं को सुख-शांतिमय जीवन बनाने के लिए आदेश देते हैं- पवित्र बनो, राजयोगी बनो। पवित्रता ही सुख-शांति की जननी है। वर्तमान समय कलियुग की कालिमा से मनुष्य आत्माओं के मन विषय-विकारों से कलुषित हो गए हैं जिससे नारी शक्ति जो वंदनीय है, पूजनीय है; उनकी अस्मिता की सुरक्षा भी एक बहुत बड़ी चुनौती हो गई है। समाज में आज हमारी बहनें सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे असुरक्षा के वातावरण में परमात्मा पिता सर्वप्रथम आत्मरक्षा के लिए प्रतिज्ञा कराते हैं। लाखों भाई-बहनें घर-गृहस्थ में रहते पवित्र एवं सात्विक जीवन बनाकर समाज के सामने उदाहरण पेश कर रहे हैं।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों का आह्वान किया- आइये, हम सब मिलकर स्व रक्षक, परिवार रक्षक, समाज रक्षक, देश रक्षक और विश्व रक्षक बनकर पवित्र समाज की स्थापना करें।

इसके लिए दीदी ने सभी से प्रतिज्ञा करवाई। पूरे जिले से रोसड़ा, पटोरी, दलसिंहसराय, मोहिउद्दीन नगर, पूसा, ताजपुर, मोरवा आदि अनेक सेवास्थानों से 500 के लगभग भाई-बहनों ने प्रतिज्ञा की। दीदी ने सबको तिलक लगाया, राखी बांधी, मुख मीठा कराया और प्रसाद स्वरूप सबको भोग वितरित किया गया।

कृष्ण भाई ने कार्यक्रम का संचालन किया। मुख्य रूप से सविता बहन, कुंदन बहन, रंजना बहन, सोनिका बहन, पूजा बहन, आशा बहन अपने-अपने सेवाकेंद्रों से पधारीं। रामगोपाल सुरेका, रमेश चांदना, कृष्ण कुमार अग्रवाल, शिवकुमार अग्रवाल, राकेश माटा, डॉ रामजी चौरसिया, दीपक सिंह, डॉ दशरथ तिवारी, राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय से प्यारेलाल जी परिवार सहित उपस्थित थे।

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