जिले अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्णिया पूर्व से सभी प्रखंड में कालाजार छिड़काव अभियान की हुई शुरुआत।

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-कर्मियों द्वारा घर-घर पहुँचकर विभिन्न क्षेत्रों में चलाया जाएगा छिड़काव अभियान
-बालूमक्खी के काटने से लोग हो सकते हैं कालाजार से ग्रसित
-कालाजार ग्रसित मरीजों के उपचार के करने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है सहयोग राशि

पूर्णिया, 16 मार्च

जिले के पूर्णिया पूर्व प्रखंड स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपतरा में जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल की अध्यक्षता में जिले के सभी प्रखंडों के लिए कालाजार छिड़काव अभियान का उद्घाटन किया गया। इस दौरान छिड़काव कर्मियों द्वारा सभी प्रखंड के संभावित गांव में सिंथेटिक पैराथायराइड (एसपी) का छिड़काव अभियान लोगों के घर-घर पहुँचकर कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में चलाया जाएगा। इस दौरान जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल के साथ साथ भीडीसीओ रवि नंदन सिंह, डीभीबीडीसी सोनिया मंडल, पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ शरद कुमार, बीएचएम विभव कुमार, डब्लूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

कर्मियों द्वारा घर-घर पहुँचकर विभिन्न क्षेत्रों में चलाया जाएगा छिड़काव अभियान :

जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल ने कहा कि लोगों को कालाजार जैसे गंभीर भेक्टर जनित रोग नियंत्रण से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी प्रखंड के कालाजार ग्रसित लोगों के घर के आसपास वाले घरों में छिड़काव अभियान चलाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 मार्च से 27 मई तक सभी प्रखंडों के चिन्हित क्षेत्रों में कालाजार ग्रसित लोगों के घर और आसपास के क्षेत्रों में छिड़काव आयोजित किया जाएगा। इस दौरान छिड़काव टीम द्वारा सभी संभावित क्षेत्रों में कालाजार बीमारी के लिए जिम्मेदार बालूमक्खी को समाप्त करने के लिए एसपी स्प्रे का छिड़काव किया जाएगा। इससे संबंधित क्षेत्र के सभी लोग कालाजार बीमारी ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी प्रखंडों में छिड़काव संबंधित सभी जानकारी सुनिश्चित करने के लिए निरक्षण टीम बनाई गई है जिसके द्वारा प्रतिदिन छिड़काव संबंधित सभी जानकारी एकत्रित किया जाएगा। संभावित क्षेत्रों में लोगों को कालाजार से सुरक्षा के लिए जागरूक करते हुए घरों के संभावित क्षेत्रों में छिड़काव करवाने में सहयोग करने के लिए सभी क्षेत्र की आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है जिससे कि सभी प्रखंड के संभावित क्षेत्रों में छिड़काव अभियान चलाया जाए और लोग कालाजार ग्रसित होने से सुरक्षित रह सकें।

बालूमक्खी के काटने से लोग हो सकते हैं कालाजार से ग्रसित :

जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल ने बताया कि कालाजार बीमारी बालूमक्खी के काटने से होने वाला रोग है। नमी एवं अंधरे वाले स्थान पर कालाजार की मक्खियां ज्यादा फैलती है लेकिन इससे ग्रसित मरीजों का इलाज आसानी से संभव है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी प्रवेश कर जाता है। दो सप्ताह से अधिक बुखार, पेट के आकार में वृद्धि, भूख नहीं लगना, उल्टी होना, शारीरिक चमड़ा का रंग काला होना आदि कालाजार बीमारी के लक्षण हैं। ऐसा लक्षण वाले मरीजों को विसरल लीशमैनियासिस (वीएल) कालाजार की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसा लक्षण शरीर में महसूस होने पर ग्रसित मरीज को अविलंब जांच कराना जरूरी होता है। इसका इलाज कराने के बाद भी ग्रसित मरीज को सुरक्षित रहने के आवश्यकता होती है। इसके उपचार में विलंब से हाथ, पैर और पेट की त्वचा काली होने की शिकायतें मिलती हैं जिसे पोस्ट कालाजार डरमल लिश्मैनियासिस (पीकेडीएल) कालाजार से ग्रसित मरीज कहा जाता है। मुख्य रूप से पोस्ट कालाजार डरमल लिश्मैनियासिस (पीकेडीएल) एक त्वचा रोग है जो कालाजार के बाद होता है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कालाजार का इलाज आसानी से हो सकता है। छिड़काव अभियान के दौरान क्षेत्रों में ऐसे मरीजों की भी खोज की जाएगी और उन लोगों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा जाएगा जहां लोगों को आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराते हुए स्वस्थ और सुरक्षित किया जा सकेगा।

कालाजार मरीजों को इलाज के साथ श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाती है सहायता राशि :

भीडीसीओ रवि नंदन सिंह ने बताया कि कालाजार के मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज आसानी से किया जाता है। इलाज के साथ ही कालाजार संक्रमित मरीजों को सरकार द्वारा श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। सरकार द्वारा भीएल कालाजार से पीड़ित मरीज़ को 7100 रुपये की श्रम-क्षतिपूर्ति राशि भी दी जाती है। यह राशि भारत सरकार के द्वारा 500 एवं राज्य सरकार की ओर से कालाजार राहत अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के रूप में 6600 सौ रुपये दी जाती है। वहीं पीकेडीएल कालाजार से पीड़ित मरीज को राज्य सरकार द्वारा 4000 रुपये की सहायता राशि श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाती है।

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