तुरहा समाज के मांजन की उदासीनता,गरीब के मंजिल नही पहुचे समाज के लोग।

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परिवार के लोग ही मिलकर किया अंतिम संस्कार।

समाज के बीच एक खाई बनती जा रही है जो आने वाले पीढ़ी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

समस्तीपुर शहर के निमगली वार्ड 18 में सत्यनारायण साह उर्फ सत्तो साह (पूर्व मांजन कृष्ण साह के भाई )के पत्नी के निधन 65 वर्ष के उम्र मे महाशिवरात्री के दिन हो अचानक हो गई।इसका अंतिम संस्कार में उनके मायके वाले ने अंतिम से संस्कार के लिए लड़की साथ मे लाए क्योंकि इंक़ेअगे पूछे कोई नही है और निर्धन है इसलिए परिवार के ही लोगो ने सारा इंतजाम किए और मोक्ष धाम लेकर गए लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि जो तुरहा समाज अपने जाती के लोगो को सम्मानित करती है चुनाव में जितने पर और पेपर में खूब वाह वाही लुटती है लेकिन अपने ही समाज के अंतिम संस्कार में अनदेखा किया क्योंकि ये गरीब है लाचार है लेकिन समाज मे इस तरह की अनदेखा उचित नही है इनके ही समाज के मात्र 3,5 लोग मंजिल गए।संतोष साह ने इस बात की घोर निंदा किया कि समाज को लेकर चलने वाले मुखिया के कार्य से जाती का मान सम्मान को धक्का लगा है और ऐसे लोगो से आगे भविस्य मे कोई उम्मीद नही किया जा सकता है इसलिए समय रहते समाज के ऐसे लोगो को जिम्मेवारी लेनी चहिए जो गरीब अमीर में कोई अंतर न करे और समाज के एक साथ लेकर चले।
मौके पर जन प्रतिनिधि विनय कुमार बबलू वार्ड आयुक्त के पुत्र जो सभी लोगो के सुख दुख में साथ निभाने वाले है और समाज को साथ लेकर चलते है
उन्होंने भी कहा पूर्व मांजन के भाई के पत्नी के अंतिम संस्कार में मांजन के इस तरह की अवहेलना पर दुख जताया और कहा समाज के मांजन का काम है हर व्यक्ति के सुख दुख में समाज को साथ लेकर चलना चहिये लेकिन गरीब जानकर तुरहा समाज के लोग अंतिम संस्कार में नही आइए सारी गलती मांजन की है और किसी योग्य आदमी को इस जिम्मेवारी के पद को सौंपना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की अनदेखा किसी भी व्यक्ति केसाथ न हो।

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