बिहार में 15 दिनों में डीजे मुक्त अभियान के तहत परिवहन विभाग के सचिव ने सभी जिलों के डीटीओ व एमवीआई को दिए सख्त निर्देश

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संजय भारती

पटना। परिवहन विभाग ने राज्य को अवैध और तेज आवाज वाले डीजे वाहनों से मुक्त करने का बड़ा फैसला लिया है। विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि 15 दिनों के भीतर बिना अनुमति के संशोधित डीजे गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। अब इस दिशा में तेजी से कार्रवाई शुरू हो गई है। इसके लिए सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों (डीटीओ) एवं मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। “15 दिन में पूर्ण प्रतिबंध”
इस अभियान के तहत मोडिफाइड और बिना अनुमति वाले डीजे वाहनों की जांच, चालान काटने और जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आदेश के अनुसार, बिना पंजीकरण या अनुमति के डीजे सिस्टम लगाने, वाहनों में संरचनात्मक बदलाव करने या अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के तहत बिना अनुमति संरचना परिवर्तन प्रतिबंधित है। इसके अलावा धारा 55 (5) एवं 182 (ए) के अंतर्गत ऐसे वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दंड भी लगाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई हो सकती है। गाड़ी में किसी भी तरफ मोडिफाइड डीजे लगाने पर आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, ऐसे वाहनों के माध्यम से निर्धारित मानकों से अधिक ध्वनि या अन्य प्रकार का प्रदूषण फैलाए जाने पर प्रदूषण संबंधी प्रावधानों के तहत 2 हजार रुपये का चालान किया जाता है। “पंजीकरण रद्द तक की चेतावनी” सचिव ने चेतावनी दी है कि यह कदम मुख्य रूप से ध्वनि सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और शादी-बारात में होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए उठाया गया है। पटना और अन्य जिलों में सैकड़ों डीजे संशोधित वाहन पकड़े जा चुके हैं। जो लोग अपने वाहनों को कमर्शियल इस्तेमाल के लिए पंजीकृत कराते हैं और बाद में उसे मॉडिफाइड डीजे सिस्टम लगवा देते हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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