संजय भारती
समस्तीपुर। सिंधिया प्रखण्ड के कुण्डल निवासी वरिष्ठ पत्रकार चन्दन कुमार सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता गंगेश प्रसाद सिंह के निधन पर कहा कि सादा जीवन, बेबाक अंदाज गरीबों के मसीहा एवं मजदूरों के लिए जीवन प्रयत्न संघर्ष..यही तो पहचान था अधिवक्ता गंगेश बाबु का। रोसड़ा न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता गंगेश प्रसाद सिंह शनिवार की शाम अपने पैतृक निवास सिंधिया प्रखंड के कुंडल गॉव में अंतिम क्षण व्यतीत किए। तकरीबन नब्बे वर्षीय गंगेश प्रसाद सिंह व्यवसायिक एवं घरेलु जीवन में बेबाकी के लिए भी प्रसिद्ध थे। न्यायालय में भी वे सदा पीड़ित पक्ष की आवाज बुलंद करते थे। गंगेश बाबु फीस के रूप में राशि मिले ना मिले न्याय के लिए संघर्ष करते रहना उनके जीवन का लक्ष्य था। आज गरीबों के मसीहा के निधन से हजारों लोगों की आंखे नम हैं मानो उनका सहारा उनसे बिदा ले लिया। गंगेश बाबु अपने पिछे दो पुत्रों के भरे पुरे परिवार को छोड़ गए हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े बबलू सिंह गंगेश बाबु के अनुज पुत्र हैं। उनका अंतिम संस्कार करेह नदी के तट पर राजघाट में रविवार को किया गया।




















































