अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के भुसवर में बिहार राज्य मठ मंदिर प्रमुख हिंदू जागरण मंच सह पुर्व सांसद विधायक प्रत्याशी डॉ शंभू ने कहा कि राज्य के माननीय शिक्षा मंत्री का मनु स्मृति और रामचरितमानस के ऊपर किया गया टिप्पणी न केवल अमर्यादित बल्कि समाज में हिंसा और उन्माद फैलाने वाला सनातन धर्म पर कुठाराघात है। जिससे देश दुनिया के करोड़ों धर्मावलंबि लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंचा है।
सनातन धर्म संस्कृति दुनिया में अद्वितीय हैं, जिसका अनुकरण अन्य धर्मावलंबिय भी करते हैं। संकुचित तुक्ष्य बयान देकर अपनी संकुचित मानसिकता और अधुरे ज्ञान का परिचय दिये है कहीं भी किसी धर्म पर ऐसा टिप्पणी नहीं होता है, पर ऐसे अधुरे ज्ञान के लोग धर्म पर टिप्पणी कर करोड़ों लोगों का अपमान किया है ये मानसिक दिवालियापन है,जिसें कतई माफ नहीं किया जा सकता है देश स्तर पर विरोध होगा।जान बुझ कर सामाजिक टकराव पैदा करना चाहते हैं, जिसका परिणाम भस्मासुर जैसा होगा। मनुस्मृति राजनीति और नेतृत्व के नियमों का कानून संहिता है, जबकि रामचरितमानस ब्यक्ति परिवार समाज और संस्कृति धर्म के साथ सांस्कृतिक राष्ट्र निर्माण का चरित्र चित्रण करता है।सभी प्रसंग और चौपाई काल पात्र और समय के साथ प्रस्तुत परिस्थिति के अनुसार उद्धृत किया गया है, गंभीरता पूर्वक पहले शाश्त्रों का अध्ययन करें फिर टिप्पणी।धर्म शास्त्रों पर टिप्पणी करने का अनैतिकअधिकार किसने दे दिया।अन्य धर्मों के धर्म ग्रंथों का अध्ययन कर उसपर भी बोलेंगें सनातन धर्म ग्रंथ और संस्कृति कोई मजाक है जिसपर जिसकों जो मन होगा बोल देंगे।अपना विभाग पर ध्यान देना चाहिए 2003सेअभी तक विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है बीपीएससी साक्षात्कार नहीं ले पाया है विश्व विद्यालय सेवा आयोग चार साल में साक्षात्कार नहीं ले पाया है।स्कुल कालेज सर्टिफिकेट बांटने का केंद्र बनकर रह गया है अभी तक शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है उच्च शिक्षा प्राप्त कर योग्य युवा पहुंच पैरवी पैसा के कारण सड़क छाप बनकर रह गए हैं किसी तरह जीविकोपार्जन कर रहे हैं।पहले अपने विभाग को संभालने का काम करें सभी उच्च तकनीकी बीएड एवं पीएचडी शिक्षित बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर शिक्षक नियुक्ति में प्राथमिकता देंकर आवश्यक सुधार करें फिर अन्य कार्य।






















































