• एचएमआईएस पोर्टल पर ससमय एवं सटीक डाटा की एंट्री से भविष्य की कार्ययोजना बनाने में मदद- जिला मुल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी
• 45 निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम के प्रतिनिधि के साथ बैठक का आयोजन
• जिला स्वास्थ्य समिति एवं पीएसआई इंडिया के तत्वावधान में बैठक का हुआ आयोजन
पटना- मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर एवं कुल प्रजनन दर में कमी लाने एवं प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंदर जिला के निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम के प्रतिनिधि के साथ बैठक का आयोजन पटना स्थित एक निजी होटल में किया गया. बैठक में निजी स्वास्थ्य प्रदाताओं का स्वास्थ्य विभाग से सशक्त संयोजन पर बल दिया गया. बैठक को संबोधित करते हुए ऑब्स एंड गईनी सोसाइटी की सचिव डॉ. निभा मोहन ने कहा कि हर महिला का स्वस्थ होना जरुरी है. एक स्वस्थ माँ से ही सुरक्षित प्रसव संभव है.
डॉ. मोहन ने बताया कि राज्य की महिलाओं में अक्सर खून की कमी देखी जाती है और इसमें आईएफए की गोली कारगर है. उन्होंने कहा कि प्रसव पश्चात अत्यधिक रक्तस्राव मातृ मृत्यु का एक प्रमुख कारण है. महिलाओं को अपने गर्भकाल में नियमित रूप से चिकिसकों के संपर्क में रहना चाहिए और उनके द्वारा दिए गए सुझाव का पालन करना चाहिए. पूरे गर्भकाल में कम से कम 4 प्रसव पूर्व जांच कराना आवश्यक है.
जिला मुल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी, भानु शर्मा ने उपस्थित प्रतिभागियों को एचएमआईएस पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि सभी कॉलम में प्रविष्टि होनी चाहिए और अधूरे आंकड़ों को पोर्टल पर डालने से उसका मकसद हल नहीं होता है. उन्होंने संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, टीकाकरण सहित स्वास्थ्य सेवाओं के सभी आंकड़ों को पोर्टल पर सटीक तरीके से भरने की बात कही. उन्होंने कहा कि एचएमआईएस पोर्टल पर ससमय एवं सटीक डाटा की एंट्री से भविष्य की कार्ययोजना बनाने में मदद मिलती है. इसलिए सभी निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम ससमय अपने संस्थान के आंकड़ों की प्रविष्टि पोर्टल पर करें.
बैठक में ऑब्स एंड गईनी सोसाइटी, पटना की सचिव डॉ. निभा मोहन, जिला मुल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी भानु शर्मा, 45 निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के प्रतिनिधि के साथ पीएसआई इंडिया के वरीय प्रबंधक विवेक मालवीय के साथ पीएसआई इंडिया की टीम उपस्थित रही.





















































