राष्ट्रीय आपदा मित्र संगठन के बैनर तले पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष आपदा मित्रों का प्रदर्शन।

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#प्रशिक्षण के बाद अब तक आपदा मित्रों/सखियों से लिए गए कार्य का अविलंब भुगतान व नियमित मानदेय तय करो:- विधायक शिव प्रकाश रंजन

#26,910 रुपये मासिक वेतन, बीमा, पीएफ, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी करो:-रौशन कुमार

#सभी आपदा मित्रों/सखियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो:- धीरज कुमार

#मुख्यमंत्री सचिवालय में आपदा मित्र प्रतिनिधिमंडल संयुक्त सचिव श्री मनोज कुमार को सौंपा मांग-पत्र

   *पटना, 10 सितंबर 2025*

पटना में बीते मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा मित्र संगठन के बैनर तले बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारण द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त बिहार के 9600 आपदा मित्रों के साथ अन्याय बंद करने, सभी आपदा मित्रों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, 26,910 रुपया मासिक वेतन, बीमा, पीएफ, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी करने, आपदा मित्रों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, प्रशिक्षण के बाद अब तक आपदा मित्रों/सखियों से लिए गए कार्य का अविलंब भुगतान व नियमित मानदेय सहित 9 सूत्री मांगों को लेकर गांधी मैदान गेट नंबर -10 से मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के राज्य सचिव सह भाकपा-माले विधायक शिव प्रकाश रंजन, राष्ट्रीय आपदा मित्र, संगठन के राज्य अध्यक्ष रौशन कुमार, राज्य सचिव धीरज कुमार, राष्ट्रीय महामंत्री संजय कुमार सुमन, राज्य उपाध्यक्ष हिमांशु कुमार, आरवाईए राज्य कार्यालय सचिव विनय कुमार, संगठन के सुपौल जिला अध्यक्ष मो. आदम, जमुई जिला अध्यक्ष सचिन रजक, मधेपुरा जिला सचिव अनिल पंडित, भागलपुर जिला अध्यक्ष अकिंत कुमार, कटिहार जिला अध्यक्ष मुन्ना कुमार राम, मधुबनी जिला अध्यक्ष सुमन कुमार, पूर्णिया जिला सचिव प्रमोद कर्मकार, समस्तीपुर जिला उपाध्यक्ष संदीप कुमार राय, दरभंगा के जिला अध्यक्ष राणा राजपूत, वैशाली जिला अध्यक्ष गौतम कुमार, मुजफ्फरपुर जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सहरसा, सीतामढ़ी, लखीसराय खगड़िया, रोहतास, सिवान जिला के आपदा मित्र एवं पूर्णिया जिला सखी अध्यक्ष संगीता कुमारी, अनुराधा कुमारी, नीरज कुमार नेतृत्व कर रहे थे।

वहीं आरवाईए राज्य सचिव सह भाकपा-माले विधायक शिव प्रकाश रंजन ने कहा कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त बिहार के 9600 आपदा मित्रों की मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए भाजपा-जदयू सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन नौजवानों ने बाढ़, अग्निकांड, सड़क दुर्घटना और हर प्राकृतिक आपदा में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी बचाई, उन्हें आज तक न तो नियमित वेतनमान मिला और न ही उनके बकाया राशि का भुगतान हुआ, जबकि संविधान की मूल भावना ‘समान काम का समान वेतन’ की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है, यही वजह है कि सरकार का संवेदनहीन चेहरा अब पूरे बिहार में उजागर किया जाएगा और यह मुद्दा विधानसभा चुनाव तक पहुंचेगा, उन्होंने कहा कि जब आपदा की हर घड़ी में यही आपदा मित्रों सबसे आगे रहे तब सरकार ने उनसे सेवा तो ली लेकिन उनके हक पर डाका डाला और आज जब ये नौजवान न्यूनतम वेतनमान 26,910 प्रतिमाह और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं तो सरकार टालमटोल कर रही है, जबकि गरीब युवाओं के भविष्य से इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अब आपदा मित्रों पटना के सड़क पर उतरकर मुख्यमंत्री के समक्ष आंदोलन कर रहे हैं।

राष्ट्रीय आपदा मित्र संगठन के राज्य अध्यक्ष सह आरवाईए राज्य सह-सचिव रौशन कुमार ने कहा कि बिहार के 9600 आपदा मित्रों व सखियाँ हर मौके पर सरकार के आदेश पर डटे रहे, चाहे वह छठ पर्व पर घाटों की सुरक्षा हो या बाढ़ व आग की विभीषिका, लेकिन इनकी सेवाओं का कोई मोल नहीं चुकाया गया, यहां तक कि बीते वर्ष जब आपदा मित्रों की ड्यूटी नहीं लगाई गई तब पूरे बिहार में 72 लोगों की मौत हो गई और सरकार को 2 करोड़ 88 लाख रुपया पीड़ित परिवारों को देना पड़ा, इसका सीधा मतलब है कि आपदा मिलों की सेवाओं से लोगों की जानें बचती हैं लेकिन सरकार उनके वेतन को लेकर संवेदनहीन है, बिहार सरकार 26,910 रुपये मासिक वेतन, बीमा, पीएफ, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी करे अन्यथा एक बार फिर पटना में आपदा मित्रों का महाजुटान होगा और डबल इंजन सरकार के खिलाफ जोरदार संघर्ष छेड़ा जाएगा।

संगठन के राज्य सचिव धीरज कुमार ने कहा कि जब भागलपुर के आपदा मित्र अभय राज की ड्यूटी के दौरान मौत हुई तो उनके परिजनों को आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला जबकि सरकार को 20 लाख रुपए का मुआवजा देना चाहिए, इसी तरह आपदा मिलों के लिए बीमा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने, पीएफ, ईएसआई, स्वास्थ्य बीमा और रिटायरमेंट लाभ देने, तथा उन्हें सरकारी आपदा कर्मचारी घोषित करने की मांग संगठन बार-बार कर रहा है, लेकिन सरकार चुप है।

राष्ट्रीय महामंत्री संजय सुमन ने कहा कि डबल इंजन सरकार आपदा मित्रों से निरंतर काम तो ले रही है लेकिन उन्हें सम्मानजनक मानदेय देने से भाग रही है, चुनाव से पूर्व अगर 9 सूत्री मांगों पर तुरंत सुनवाई नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव में आपदा मित्रों सरकार के खिलाफ अभियान चलाकर उसे सत्ता से बाहर करने का काम करेंगे।

अंत में मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव श्री मनोज कुमार को आरवाईए राज्य सचिव सह भाकपा-माले विधायक शिवप्रकाश रंजन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय आपदा मित्र संगठन के राज्य अध्यक्ष रौशन कुमार, राज्य सचिव धीरज कुमार, राष्ट्रीय महामंत्री संजय कुमार सुमन, राज्य उपाध्यक्ष हिमांशु कुमार, सुपौल जिला अध्यक्ष मो. आदम व आरवाईए राज्य कार्यालय सचिव विनय कुमार सौंपा मांग पत्र।

प्रमुख मांगे:

  1. प्रशिक्षण के बाद अब तक आपदा मित्रों से लिए गए कार्यों का भुगतान अविलंब करो !
  2. सभी आपदा मित्रों/ सखियों को नियमित मानदेय व न्यूनतम वेतनमान 26910 प्रतिमाह की गारंटी करो !
  3. सभी आपदा मित्रों एवं/ सखियों को सरकारी आपदा कर्मचारी घोषित करो !
  4. सुरक्षित शनिवार कार्य का भुगतान ‘समान कार्य के समान वेतन’ उसूल के तहत करो !
  5. घोषित ₹ 5 लाख की बीमा राशि को बढ़ाकर 20 लाख करो ! बीमा भुगतान की गारंटी करो !
  6. ड्यूटी के दौरान भागलपुर के मृतक आपदा मित्र अभय राज के परिजन को 20 लाख रुपया का मुआवजा दो !
  7. स्वास्थ्य बीमा, ई० एस० आई०, पी० एफ०, रिटायरमेंट सहित अन्य सुविधाएं देकर सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दो !
  8. केन्द्र की एक ही योजना के तहत प्रशिक्षित आपदा मित्रों/ सखियों को समायोजित कर , कार्य एवं वेतन तय करो !
  9. आपदा कार्यालय में आपदा मित्रों/ सखियों / को बहाल करते हुए कार्यालय को संचालित करो ! भवदीय रौशन कुमार राज्य अध्यक्ष, बिहार
    राष्ट्रीय आपदा मित्र संगठन

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