उर्स-ए-मखदूम अशरफ पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भेजी चादर

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पटना/अंबेडकर नगर। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले स्थित विश्वविख्यात सूफी दरगाह किछौछा शरीफ में आयोजित हजरत सुल्तान मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर अपनी ओर से अकीदत की चादर भेजी है। चादर दरगाह पर पेश कर देश, प्रदेश और समाज में अमन, भाईचारे, खुशहाली तथा तरक्की की दुआ की गई।
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी लंबे समय से सूफी संतों की शिक्षाओं और उनकी साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरा सम्मान रखते हैं। उनका मानना है कि सूफी संतों ने प्रेम, इंसानियत, सद्भाव और आपसी सौहार्द का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
हजरत सुल्तान मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह भारतीय उपमहाद्वीप के महान सूफी संतों में गिने जाते हैं। उनका जन्म ईरान के सिमनान के शाही परिवार में हुआ था, लेकिन सांसारिक वैभव का त्याग कर उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। बाद में वे भारत आए और उत्तर प्रदेश के किछौछा (वर्तमान अंबेडकर नगर) को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने सूफी सिलसिला अशरफिया की स्थापना की, जिसने प्रेम, करुणा, सेवा, आध्यात्मिक साधना और मानवता के संदेश को व्यापक रूप से फैलाया।
किछौछा शरीफ की दरगाह आज देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष उर्स मुबारक के अवसर पर विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर हाजिरी देते हैं और अमन, शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगते हैं। विजय चौधरी द्वारा भेजी गई चादर को भी इसी गंगा-जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सौहार्द और सूफी परंपरा के प्रति सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर बिहार अल्‍पसंख्‍यक आयोग के उपाध्‍यक्ष मौलाना उमर नूरानी, अताउर्रहमान, महताब आलम, फैजुल कादरी विशेष रूप से मौजूद थे।

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