अमरदीप नारायण प्रसाद।
बढ़ते कोरोना के प्रभाव से बचने के लिए समस्तीपुर शहर से लेकर प्रखंड तक प्राईवेट डाक्टरों द्वारा क्लिनिक बंद कर लिये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चर्चित महिला अधिकार कार्यकर्ता सह ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा है कि निजी डाक्टरों द्वारा धराधर अपने-अपने क्लिनिक बंद किया जा रहा है, ऐसे में कोरोना से कहीं अधिक अन्य गंभीर बीमारी के रोगी ईलाज, जांच, दवा आदि के आभाव में मर जाएंगे.
श्रीमती सिंह ने जिले के तमाम चिकित्सकों से अपील किया है कि वे डब्ल्यू० एच० ओ० के मानक को मानते हुए-कोरोना से बचाव का रास्ता अपनाते हुए अपने-अपने क्लिनिक का नियमित संचालन करें. उन्होंने यह भी कहा कि कई नई तकनीक भी है, इसके माध्यम से दूर रहकर भी रोगी का ईलाज किया जा सकता है.
महिला नेत्री ने यह भी कहा कि आखिर रोगी से ही कमाई कर चिकित्सक आगे बढ़े हैं, आज जब सरकारी चिकित्सा व्यवस्था बेहद कमजोर है, ऐसे में प्राईवेट चिकित्सा की जरूरी है तो क्लिनिक बंद करना सरासर गलत है. ईलाज के आभाव में गंभीर बीमारी के रोगी एवं परिजन इस क्लिनिक से उस क्लिनिक का चक्कर मारते- मारते किंकर्तव्यविमूढ़ होकर मरणासन्न पड़े रहते है. यह मानवता के साथ खिलवाड़ है. ऐसे हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
ऐपवा नेत्री ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी समेत सभी दलों एवं संगठन के नेताओं से अपील किया है कि सर्वदलीय बैठक कर इस समस्या का निराकरण करें. उन्होंने इसे लेकर चिकित्सक एवं क्लिनिक पर किये जा रहे हमले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे हमलों से समस्याएं और भी जटिल होंगी.



















































