ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वरनगर, दरभंगा के नरगौना परिसर स्थित विश्वविद्यालय इतिहास विभाग के नव-नियुक्त विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार चौधरी के पदभार ग्रहण के अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय इतिहास विभाग के इतिहास विभाग पूर्ववर्त्ती छात्र संघ की ओर से गरिमापूर्ण एवं पारंपरिक स्वागत किया गया।
विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दिनांक 15 जनवरी 2026 की संध्या विभागाध्यक्ष के मनोनयन से संबंधित सूचना जारी होने के पश्चात, इतिहास विभाग पूर्ववर्त्ती छात्र संघ के सचिव डा. मो. जमील हसन अंसारी को इसकी जानकारी प्राप्त हुई। इसके उपरांत वे 16 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को अपराह्न नरगौना परिसर पहुँचे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार होने के कारण वे पूर्वाह्न में जुमे की नमाज़ अदा करने के उपरांत सीधे विश्वविद्यालय परिसर पहुँचे और विभागाध्यक्ष से भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर डाक्टर जमील हसन अंसारी ने इतिहास विभाग पूर्ववर्त्ती छात्र संघ की ओर से मिथिला परंपरा के अनुसार पाग, चादर एवं पुष्प-गुच्छ भेंट कर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार चौधरी को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने अपने द्वारा लिखित पुस्तक“बिहारी समाज और 1857 का महाविद्रोह”को उनके नवीन दायित्व-ग्रहण के अवसर पर छात्र संघ सचिव होने के साथ-साथ उनके इंटरमीडिएट एवं स्नातक काल के एक कृतज्ञ विद्यार्थी के रूप में सादर भेंट किया।
इसके अतिरिक्त, मिथिला इतिहास संस्थान के कार्यालय सचिव के रूप में भी किसी कारणवश डाक्टर जमील हसन अंसारी ने ही आदरणीय प्रो. धर्मेन्द्र कुमर के मार्गदर्शन में संस्थान की ओर से मिथिला इतिहास संस्थान का बैग तथा ‘मिथिला इतिहास विमर्श’ की प्रोसीडिंग्स भी विभागाध्यक्ष को प्रदान की। स्वागत के क्रम में स्थानीय माँ श्यामा मंदिर का श्याम भोग प्रसाद नए विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार चौधरी को ग्रहण कराकर उपस्थित सभी अतिथियों, विभागीय कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं, गणमान्य व्यक्तियों एवं मीडिया बंधुओं का भी मुँह मीठा कराया गया।
इस अवसर पर डॉ. ज्योति प्रभा, डॉ. मनीष कुमार, विभागीय कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएँ एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डाक्टर जमील हसन अंसारी ने विभागाध्यक्ष को संयुक्त कार्यालय—इतिहास विभाग पूर्ववर्त्ती छात्र संघ, मिथिला इतिहास संस्थान तथा प्रोफेसर धर्मेन्द्र कुमर सेमिनार एंड लाइब्रेरी में डोनेट की गई अलमारी एवं पुस्तकों सहित कार्यालय की समस्त गतिविधियों और संसाधनों से अवगत कराया।
कार्यालय-व्यवस्था से प्रभावित होते हुए प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार चौधरी ने इसकी सराहना की और कहा कि इसे सभी के सहयोग से और अधिक सुदृढ़ एवं सक्रिय रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने इतिहास विभाग पूर्ववर्त्ती छात्र संघ के मिलन समारोह एवं उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की। मौके पर उपस्थित सभी लोगों के समक्ष विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार चौधरी ने डाक्टर जमील हसन अंसारी से इस मुलाक़ात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा—“जमील, आपने वाकई बहुत अच्छा स्वागत-सम्मान किया है।”स्वागत कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।


















































