मिट्टी जांच का असर

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समस्तीपुर , केन्द्र प्रायोजित राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन योजना अन्तर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित प्रत्यक्षण -सह-प्रशिक्षण कार्येक्रम में प्रक्षेत्र दिवस कार्येक्रम का आयोजन चकरसलपुर ग्राम में प्रगतिशील कृषक वंशी महतो के एक हेक्टेयर के गेंहू के प्रत्यक्षण प्लॉट में पंचायत के कृषि समन्वयक पंकज कुमार के देख-रेख में फसल जांच कटनी प्रयोग 10 ×5 वर्ग मीटर में किया गया, जिसका उत्पादन 23 किलो 400 ग्राम हुआ। प्रगतिशील कृषक वंशी महतो के द्वारा बताया गया की मैं पहली बार अपने खेत का मिट्टी जांच कृषि विभाग से कराया हूँ,और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुशंसा के आधार पर एवं कृषि समन्वयक पंकज कुमार के तकनीकी मार्गदर्शन में गेहूं की बुआई किया, जिसका फलाफल फसल जांच कटनी प्रयोग के बाद उत्पादन से गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। वंशी महतो ने प्रक्षेत्र दिवस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए अन्य किसानों को सुझाव दिया की कोई भी किसान अपने खेत का बिना मिट्टी जांच कराए किसी भी फसल को ना बोये एवं ना ही किसी रासायनिक उर्वरक का व्यहवार करे। पंकज कुमार कृषि समन्वयक ने बताया कि प्रत्येक्षण प्लॉट एवं कंट्रोल प्लॉट का फसल जांच कटनी प्रयोग कृषकों के बीच करके दिखाया गया, एवं प्रत्यक्षण प्लॉट से आये उपज को कंट्रोल प्लॉट के बीच अंतर दिखा कर किसानों को विश्वास दिलाया गया कि वैज्ञानिक तकनीक से खेती करने एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुशंसा के आधार पर ही अगर कोई भी किसान खेती करें तो उपज में बढ़ोतरी के साथ-साथ समय एवं लागत में कमी आती है साथ ही गुणवत्तापूर्ण अन्न का उत्पादन होता है। कृषि विभाग के इस मत्वपूर्ण कार्येक्रम में पंचायत के किसान सलाहकार ममता कुमारी गायब मिली, जिससे किसानों के बीच आक्रोश का माहौल है, हरिशंकरपुर बघौनी के किसान बताते है कि किसान सलाहकार कभी भी किसी सरकारी कार्येक्रम में उपस्थित नहीं होते है और न ही पंचायत में कृषि का कोई कार्ये करते है, जरूरत पड़ने पर वो अपने आवास पर ही बुलाती है।मौके पर बैधनाथ राय, मनीष कुमार, राहुल कुमार, नवनीत कुमार, गुड्डू कुमार एवं अन्य किसानों ने प्रक्षेत्र दिवस कार्येक्रम में भाग ले कर तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

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