बिहार में समाजवाद और सामाजिक न्याय के नाम पर दशकों से राजनीति हो रही है, लेकिन भूमि सुधार के लिए किसी भी दल ने कोई कदम नहीं उठाए: प्रशांत किशोर

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जन सुराज पदयात्रा के दौरान छपरा में प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पिछले 75 सालों में भूमि सुधार को लेकर कोई प्रयास नहीं हुआ है। इस वजह से बिहार में 60 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं, जबकि देश में 38 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं। बिहार में समाजवाद और सामाजिक न्याय के नाम पर दशकों से राजनीति हो रही है, लेकिन भूमि सुधार की दिशा में काम न होने की वजह से बिहार मे 60 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं। जो 40 प्रतिशत लोग जिनके पास जमीन है उन 40 में से 35 प्रतिशत लोगों के पास 2 बीघा से कम जमीन है। इस वजह से बिहार में जो खेती हो रही है वो कमाने वाली नहीं खाने वाली खेती हो रही है। लोग खेतों में वही उपजा रहे हैं जिससे उनके बच्चों के खाने का इंतजाम हो जाए। इससे उनकी आमदनी नहीं हो रही है। आंकड़ों के अनुसार बिहार में 100 में से 5-6 लोग ही ऐसे है जिनके लिए खेती आमदनी का जरिया है, उसके अलावा लोग खेती सिर्फ पेट भरने के लिए करते हैं, कमाने वाली खेती नहीं करते।

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