ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा “समकालीन समय में व्यावसायिक अनुसंधान” विषयक पांच दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे तकनीकी सत्र का आयोजन आज हुआ। सत्र की अध्यक्षता वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के वाणिज्य विभाग के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर एम . एन. पाण्डेय ने की। बतौर विशिष्ट अतिथी पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के वाणिज्य के प्राध्यापक प्रोफेसर आर. यू. सिंह शामिल थे।
सत्र के आरंभ में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, मेरु एवं नए-व्यावसायिक अनुसंधान परिवेश के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षा नीति को नए रूप देने के कारणों की व्याख्या की। विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री उषा योजना अंतर्गत चयनित होने पर सराहना व्यक्त की। शोध जगत के नवीनतम पहलुओं की ओर भी उन्होंने सबका ध्यान आकृष्ट किया। वही अध्यक्ष प्रोफेसर पाण्डेय ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा एवं शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं का वर्णन करते हुए हमें अपने जड़ों की ओर वापस लौटने का आह्वान किया। उन्होंने मानव मूल्यों और मानवीयता का अनुकरण करने की बात कही। उनके अनुसार, व्यावसायिक शोध की उपादेयता तभी है जब वह समाज के हितों का भी ख्याल करें। आम जनमानस की पीड़ा कम हो, ऐसा प्रयास आवश्यक है।
इस तकनीकी सत्र में कुल 53 शोधपत्रो/आलेखों का वाचन हुआ। पत्र वाचिको ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, मेरु एवं व्यावसायिक अनुसंधान के नवीनतम पक्षों पर अपने विचार रखें। सत्र का संचालन डॉक्टर संजय कुमार झा एवं प्रतिवेदन श्री प्रकाश ठाकुर ने किया।























































