समस्तीपुर: कल्याणपुर अवकाश प्राप्त स्टेशन अधीक्षक केदार प्रसाद सिंह जीवन के सही तथ्य प्रखंड क्षेत्र के केशव पट्टी में स्थान परिसर में उपस्थित लोगों ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि दूसरों द्वारा प्रतिकूल व्यवहार करने पर भी आपके आचरण की मर्यादा बनी रहे,इसी का नाम सज्जनता है सम्मान और सत्कार पाने पर तो साधारण से साधारण मनुष्य भी प्रसन्न हो सकता है प्रशंसा प्राप्त होने पर सामने वाले को मुस्करा कर धन्यवाद देना ये काम तो कोई भी कर सकता है पर किसी के अभद्र व्यवहार करने पर भी सहजता को धारण किए रहना यह सज्जनों का लक्षण है सज्जन का अर्थ सम्मानित व्यक्ति नहीं अपितु सम्मान की इच्छा से रहित व्यक्तित्व है जो सदैव शीलता और प्रेम रुपी आभूषणों से सुसज्जित है,वही सज्जन है फूलों की सुगंध केबल वायु की दिशा में फैलती है,जबकि व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है यूँ ही नहीं मिलती राही को मंज़िल एक”जूनून”सा दिल में जगाना होता है पूछा चिड़ियां से कैसे बनाया आशियाना बोली भरनी पड़ती है उड़ान बार बार तिनका तिनका उठाना होता है जीवन एक संगीत है गुनगुनाते रहिए हालात चाहे जो हो हमेशा मुस्कुराते रहिए रिश्ता रखना हो तो झूठी तारीफों के पुल बांधते चलिए और खत्म करना हो सच्चाई बयां कर दीजिए कर्मो का गणित बिल्कुल सीधा है “कर भला तो हो भला”अपनी वाणी को शुद्ध रखना संस्कारों की पहली अमानत है “क्षमा”उन फूलों” के समान है जो कुछ ले जाने के बाद भी खुशबू देना बंद नहीं करते नज़र अंदाज कीजिए उन लोगों को जो आपके बारे में पीठ पीछे बात करते है,क्योंकि वे हमेशा आपके पीछे ही रहेंगे उनकी तरक्की भी कभी नहीं हो सकती है वे उसी जगह रहने लायक़ हैं आपके पीछे जीवन एक पेन की भाँति है इंक खत्म हो उस से पहले अपनी कहानी लिख दे।





















































