अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखण्ड क्षेत्र की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल है। क्षेत्र के गांव गढ़सिसई में बना उप स्वास्थ्य केंद्र शो पीस बनकर रह गया है। शासन ने लाखों रुपये खर्च कर गांव गढ़सिसई व आसपास के गांव के लोगों की चिकित्सा सुविधा के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था, लेकिन यहां पर करीब पिछले 15 साल से एक भी कर्मी उपस्थित नहीं रहते। यहां किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। भवन खंडहर होता जा रहा है। स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन ध्वस्त होता जा रहे हैं। चोर यहां से बिजली की फिटिंग का सामान, खिड़की का चौखट पल्ला तक निकालकर ले गए हैं।
गढ़सिसई पंचायत क्षेत्र के इस स्वास्थ्य उप केंद्र का भवन करीब चार दशक पहले बना था। इसका मकसद यह था कि गांव और आसपास के लोगों को उपचार मिले, लेकिन दस पन्द्रह सालों से यहां चिकित्सक की तैनाती ही नहीं की गई। नतीजा, यह उपकेंद्र खण्डर में तब्दील हो चुका हैं। ग्रामीण इस उपकेंद्र में चिकित्सकों की तैनाती के लिए लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस कोरोना महामारी के दौरान अगर यह उप स्वास्थ्य केंद्र चालू होता तो आसपास के लोगों को काफी राहत मिलती। लोगों को मामूली बीमारी के लिए दूर-दूर तक नहीं भटकना पड़ता।
इस स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कराया गया था, जिसमें सरकार का काफी पैसा भी खर्च हुआ है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण यह अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
ग्रामीण दयानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि अगर गांव में बने इस उप स्वास्थ्य केंद्र की मरम्मत कराकर यहां चिकित्सक की तैनाती कराई जानी चाहिए, जिससे आसपास के बीमार लोगों को काफी राहत मिलेगी।
वही ललित निवास सिंह ने कहा
प्रशासन की अनदेखी के कारण कुछ लोग इस उप स्वास्थ्य केंद्र को तोड़फोड़ कर सामान भी निकाल ले गए हैं।
अभिनाश भारद्वाज कहते हैं
अभी तक प्रशासन ने इसकी कोई देखरेख नही की गई है। गांव में बीमार मरीजों से यहां से तीन किलोमीटर की दूरी पर पीएचसी जाना पड़ता है।























































