जुगाड़ नाव के बदौलत कर रहे हैं रोजमर्रा का कार्य परिवार के छात्र छात्राओं की भी विद्यालय जाने का सहारा एकमात्र जुगाड़ नाव

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समस्तीपुर से अमरजीत नारायण प्रसाद का रिपोर्ट

कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र के बागमती नदी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कमरगामा घनी आबादी के पीड़ित लोग बागमती नदी के किनारे बसे हैं कोरोना महामारी को लेकर विगत 2 वर्षों से छात्रों के पठन-पाठन विद्यालय नहीं खुलने से बाधित है अब जब विद्यालय खुले उन्हें समय पर पहुंचाने को लेकर अभिभावकों गांव के सज्जन ठाकुर थर्माकोल एकत्रित करके उसके ऊपर लकड़ी के तख्ते को डालकर जुगाड़ नाव बनाया अन्य और कई ग्रामीणों ने इन्हीं की देखा देखी मैं कई जुगाड़ ना गांव में तैयार किए। गांव के छात्र आयुष कुमार गोलू कुमार प्रिया कुमारी रिचा कुमारी ग्रामीण कैलाश राम भजन ठाकुर रामचंद्र राम फूटू राम नथूनी राम आदि ने बताया कि यदि जुगाड़ नहीं होती तो हम लोग समय पर पठन-पाठन को लेकर विद्यालय नहीं पहुंच पाते लाल झंडे वाली सरकारी नाव का कोई अता पता गांव में नहीं दिखने पर हम सबों के अभिभावकों ने जुगाड़ नाव बनाया हम लोग बाढ़ में धिरे हुए हैं इसके बन जाने पर हम लोग साथ समय स्कूल जाते हैं और आते हैं। गांव में कुछ लोगों को पन्नी के अलावे बाढ़ पीड़ितों को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिल पाई बुधवार को बागमती नदी का जलस्तर 1 इंच पुनः बढा है ग्रामीण काफी परेशानियों का सामना कर रहे है।

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