समस्तीपुर,
फासीवादी बुलडोजर राज एवं मुस्लिम समुदायों पर संगठित हमले के खिलाफ वृहस्पतिवार को आइसा, इनौस, ऐपवा, इंसाफ मंच, जसम एवं भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने प्रतिरोध मार्च निकाला.
शहर के मालगोदाम चौक स्थित भाकपा माले कार्यालय से उक्त संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में जुट कर अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं नारे लिखे तख्तियां लेकर मार्च नारे लगाते हुए बाजार क्षेत्र के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए स्टेशन चौक पहुंचकर मार्च सभा में तब्दील हो गया.
सभा की अध्यक्षता भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य जीवछ पासवान ने किया. सभा को माले जिला कमेटी के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, राज कुमार चौधरी, उपेंद्र राय, अनील चौधरी, ऐपवा के वंदना सिंह, आइसा के सुनील कुमार, लोकेश राज, राजू कुमार झा, इंसाफ मंच के खुर्शीद खैर, भाकपा माले के अरूण राय, मो० ऐनूलहक, टिंकू यादव, अशोक राय, उमेश राय, ललन कुमार, मो० नईम, मो० कम्मू, बबलू कुमार आदि ने संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि आरएसएस एवं भाजपा पहले संविधान एवं लोकतंत्र पर हमला कर रही थी. अब यह मुस्लिम समुदाय को टारगेट कर संगठित हमला कर रही है. इससे देश के भाईचारा खतरे में है. इनके आज में अदालत का कोई महत्व नहीं रह गया है. बगैर फैसला अनाप-शनाप आरोप लगाकर आरोपी के मकान को कहीं बुलडोजर से गिरा दिया जा रहा है तो कहीं सरकार की गलत नीति की आलोचना करने पर झूठा मुकदमा कर जेल में बंद कर दिया जाता है.
सरकार अपनी घोषणानुसार महंगाई, रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा, कालाधन लाने, भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह फेल हो गई है. इसकी आलोचना करने पर लोगों को देशद्रोही बताया जा रहा है. एनआरसी आंदोलन एवं आर एस एस भाजपा के खिलाफ लड़ने एवं बोलने वाले को विभिन्न तरह से तंगों- तवाह किया जा रहा है. भाकपा माले इसकी विरोध कर रही है. माले नेता ने आम जनों से अपील किया कि वे भाकपा माले एवं इसके जन संगठनों के बैनर तले इकट्ठा होकर फासीवादी सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हो. माले नेता ने तालाब, पोखर, सरकारी जमीन, नदी किनारे बसे लोगों के घर पर भी नोटिस भेजने एवं बुलडोजर चलाने की सरकारी नीति का जोरदार ढंग से विरोध करेगी.






















































