सरस्वती पूजा माघ शुक्ल पक्ष पंचमी को हर वर्ष मनाया जाता है वैसे तो हर दिन मां का दिन होता है परंतु सरस्वती पूजा के दिन मां सरस्वती की विशेष आराधना पूजा की जाती है या दिन खासकर विद्यार्थियों का दिन होता है विद्यार्थियों द्वारा और शिक्षकों द्वारा स्कूल कॉलेज कोचिंग संस्थान आदि जगहों पर माता सरस्वती की विशेष पूजा आराधना की जाती है गुप्त नवरात्रि जो माघ मास में होता है उसी में नवरात्रि के पांचवें दिन यानी पंचमी को माता सरस्वती की पूजा आराधना की जाती है प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा थी कुष्मांडा पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है। हम सभी के जीवन में विद्या का विशेष महत्व है विद्या के बिना मनुष्य जो है वह पशु के समान है विद्या के बिना मनुष्य का जीवन जीवन नहीं है और वह किसी कार्य का ही नहीं रहता है उसका जीना भी व्यर्थ है क्योंकि विद्या जो है वही हमें ज्ञानी बनाता है और हमें जीवन जीने का सही राह भी दिखाता है सही मार्ग पर चलना सिखाता है इसलिए हम सभी के जीवन में विद्या का शिक्षा का बहुत ही ज्यादा महत्व है शिक्षित आदमी है एक शिक्षित आदमी पूरे समाज को पूरे घर को परिवार को और यहां तक कि देश को शिक्षित करने में भी अपना योगदान दे सकता है इसलिए हम सभी को बच्चे को अपने बच्चे को और खुद शिक्षित होना बहुत ही जरूरी है मां सरस्वती जो है वह विद्या की विद्या की देवी है । हंस पर सवार मां सरस्वती अपने एक हाथों में वीणा और दूसरे हाथों में पुस्तक पकड़ी हुई ज्ञान बांटती है माता सरस्वती सातों सुर के रचयिता है |
माता सरस्वती की पूजा अर्चना कर उनको गाजर बुनिया बेर बेर माता सती को बहुत ज्यादा पसंद है इसलिए बेल का विशेष रूप से भोग लगाया जाता है माता को अर्पित किया जाता है पूजा पंडाल बना कर जगह-जगह लोग अपने घर में भी पूजा अर्चना करते हैं खोइछा भरा जाता है। माता सरस्वती पूजा में गौ माता का पूजा करते हैं दूसरी ओर अश्लील गाना बजाते हैं जो कि बहुत ही गलत है यह नहीं करना चाहिए माता सरस्वती की पूजा अर्चना भक्ति गीत के साथ हम करें और उनकी आराधना करें उनको मना है और उन्हें विद्या प्राप्ति के लिए उनसे प्रार्थना करें कि हमें हम ज्ञानी बनाएं हम सभी को ज्ञानी बनाएं और हम सभी को विद्या रूपी धन प्राप्त करें । माता सरस्वती की पूजा अर्चना बसंत ऋतु की आगमन का संकेत देता है इसे बसंत पंचमी के नाम से भी जानते हैं इसलिए बसंत ऋतु की मनोरम छटा के साथ हम माता सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं बसंती हवा और हरे भरे खेत वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है बसंत ऋतु अपने आप में बहुत ही प्यारा और मनोरम है जिसके आने से उठता है और खुशी से हम सभी झूम उठते हैं क्योंकि ठंड के बाद यही वाली तू है जिसमें हम सभी जो हैं गर्मी का गर्मी का एहसास करते हैं हल्का हल्का ठंडा और हल्की हल्की गर्मी होती है जो कि हमें बहुत ही अच्छा महसूस करता है इसलिए बसंत ऋतु सरस्वती पूजा मां सरस्वती की आराधना करते हैं बसंत ऋतु का स्वागत करते हैं। शांति से हम सभी माता सरस्वती की पूजा आराधना करें और सरस्वती पूजा के गीतों से गूंजता हुआ बहुत ही प्यारा बसंत ऋतु और बसंत पंचमी होता है| विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा आराधना हम सभी करें और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें हम सभी को माता सरस्वती ज्ञान दे विद्या दे बुद्धि दे हम सभी को शिक्षित बनाएं।
माता सरस्वती की जय वीणा वादिनी की जय हंस वाहिनी की जय। लेखिका अनामिका झा समस्तीपुर






















































