सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग में होगा होलिका दहन

1130


रंगों का त्योहार होली करीब आ रहा है। 28 मार्च रविवार को होलिका दहन होगा 29 मार्च सोमवार को रंगों का त्योहार होली मनाया जाएगा।
इस बार होलिका पूजन विशेष फलदाई होगा होलिका दहन के दौरान सर्वार्थसिद्धि व अमृत सिद्धि योग है। होलिका दहन पर भद्रा का भी साया नहीं रहेगा कारण 28 मार्च को दोपहर 1:50 बजे तक ही भद्रा है ऐसे में आम लोग प्रदोष काल यानी शाम ढलने के साथ में होलिका दहन कर सकेंगे।
उगन महादेव ज्योतिष केंद्र के संस्थापक पंडित संजय शुक्ला शास्त्री बताते हैं कि 28 मार्च शाम 6:00 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है इसके बाद हस्त नक्षत्र आ जाएगा हस्त नक्षत्र में होलिका दहन करना अति शुभ माना जाता है ऐसे में आमजन शाम 6:30 बजे से रात्रि 8:45 बजे तक होलिका पूजन व दहन करते हैं तो यह विशेष फलदाई होगा क्योंकि 28 मार्च को पूर्णिमा तिथि रात्रि 12:15 बजे तक है ऐसे में लोग रात्रि 12:15 बजे तक भी होलिका दहन कर सकते है।

होलाष्टक में शुभ कार्य वर्जित रहते हैं
पंडित संजय शुक्ला शास्त्री बताते हैं कि हिरण्यकश्यप ने अपने भक्त पहलाद पर जिस तिथि व वार में अघात किए थे या उन्हें प्रताड़ित कर मारने का प्रयास किया उस दिन व तिथि के स्वामी भी हिरण कश्यप से क्रोधित हो जाते हैं इन 8 दिनों में यानी अष्टमी को चंद्रमा नवमी को सूर्य दशमी को शनि एकादशी को शुक्र द्वादशी को गुरु त्रयोदशी को बुध चतुर्दशी को मंगल तथा पूर्णिमा को राहु उग्र रूप लिए माने जाते हैं इसलिए इन दिनों में पूजा-पाठ को छोड़कर शेष शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
अंगारक योग भी बन रहा है
पंडित संजय शुक्ला शास्त्री के अनुसार होलिका दहन के दिन शुक्र उच्च राशि मीन में सूर्य के साथ शनि अपने स्वयं के घर मकर तथा गुरु अपनी नीच राशि मकर में रहेंगे इन सभी योग से होलिका दहन के साथ ही देश को करो ना महामारी से छुटकारा मिल सकता है। सत्ता पक्ष का प्रभाव बढ़ेगा लेकिन आगजनी की घटनाएं बढ़ सकती है कारण राहु व मंगल का शुक्र की राशि में अंगारक योग बना है उग्र दिन माने जाने वाले रविवार को होलिका दहन होने से आगजनी के मामले बढ़ सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here