अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर सदर अस्पताल में रविवार की रात्री करीब 8 बजे इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डाॅ० पी० डी० शर्मा ड्यूटी छोड़कर गायब थे। इधर स्नैक बाईट एवं अन्य गंभीर बीमार मरीज परेशान थे। मौके पर रोगी के परिजन पत्रकार से चिकित्सक को गायब होने की शिकायत पर पत्रकार श्रवण कुमार आफिस खाली रहने का विडियो बनाकर चला दिए। मरीज के परिजन हो-हल्ला कर रहे थे। इसी बीच डाॅक्टर के संपर्क के कोई व्यक्ति फोन कर गायब डाॅक्टर को उक्त आशय की जानकारी दे दी। डॉक्टर के भागे-भागे इमरजेंसी के सामने पहुंचते ही पत्रकार ने गायब रहने से जुड़े सवाल पूछ दिया। डॉक्टर जल्दबाजी में इमरजेंसी कक्ष में पहुंचे, पीछे-पीछे पत्रकार भी पहुंचा जिसे डॉक्टर ने पत्रकार को अपमानित करते हुए पहले हाथ पकड़कर और फिर गर्दन में हाथ डालकर पत्रकार को कक्ष से बाहर धकेल दिया। विदित हो कि करीब 60 से अधिक नामी-गिरामी चिकित्सक सदर अस्पताल में तैनात हैं लेकिन मैनेज कर अधिकतर चिकित्सक इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक गायब रहते हैं।
भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सह चर्चित आन्दोलनकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह डॉक्टर द्वारा चिकित्सक द्वारा पत्रकार को अपमानित करने की घटना को निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला बताते हुए सिविल सर्जन एवं जिला प्रशासन से घटना की जांच कर दोषी चिकित्सक को सस्पेंड करने की मांग अन्यथा आंदोलन चलाने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा है कि डॉक्टर पी० डी० शर्मा विवादास्पद डाॅक्टर रहे हैं। उन पर दलाल रखकर सदर अस्पताल से रोगी को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल में भेजने का आरोप लगता रहा है। वे समस्तीपुर शहर के दर्जनों निजी अस्पताल में अपना डीग्री एवं रजिस्ट्रेशन नंबर देकर अस्पताल का संचालन कराकर गाढ़ी कमाई करते रहे हैं। वे निजी अस्पतालों में जाकर आपरेशन करते रहे हैं। उनके इस कृत्य का विरोध करने पर रोगी, उनके परिजन, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार को अपमानित करते रहे हैं। भाकपा माले नेता ने कहा कि उक्त डाॅक्टर पर लगे आरोप का उनके पास साक्ष्य- गवाह मौजूद हैं। माले नेता ने उक्त आरोपी चिकित्सक पर कारवाई नहीं होने की स्थिति में जनहित को लेकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने की चेतावनी दी है।






















































