जन्मदिन, मुंडन, शादी या शादी के सालगिरह पर क्यों देते हैं हरित उपहार : जानिए ट्रीबॉय कन्हैया से

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अमरदीप नारायण प्रसाद

समस्तीपुर जिलांतर्गत विभूतिपुर प्रखंड के विभूतिपुर पूरब निवासी ट्रीबॉय कन्हैया कुमार “सांसे हो रही है कम आओ पेड़ लगाएं हम” नारे के साथ एक अनोखी हरित कार्य कर रहें है | हालांकि ये साइकिल पर सवार पौधा के साथ पौधरोपण करने के लिए निकल जाते हैं | जन्मदिन, मुंडन, शादी या शादी के सालगिरह पर केक काटने के बजाय पौधरोपण करवाते हैं | इनका कहना है कि भारत माता को पर्यावरण प्रदूषण रूपी समस्या से आजाद कराने के लिए जन्मदिन, शादी या शादी के सालगिरह के अवसर पर केक काटने वाले विदेशी कल्चर को भगाओ और पौधरोपण कर इको फ़ैमिली के रूप में जन्मदिन व शादी के सालगिरह मानकर स्वदेशी कल्चर को अपनाओ | हम सभी को यही एक अवसर है जो पौधरोपण कर एक नई संस्कार को विकसित कर सकते हैं | इस पवित्र अवसर पर पौधरोपण करने की संस्कार बनाने की आवश्यकता है | आप सभी कोविड -19 महामारी से भलीभांति अवगत है कि किस तरह ऑक्सीजन की कमी से युवा तरप – तरप के मर रहे थे | हमें केक काटने से ऑक्सीजन नहीं मिलती है लेकिन हम पौधरोपण करते तो हमें शुद्ध प्राणवायु ऑक्सीजन मिलती ही है और हमें हरित फल भी खाने को नसीब प्राप्त होता है | साथ ही उन्होंने कहा कि हम बेटी के सम्मान में और बेटी के नाम से हर घर के दरवाजे पर भी पौधरोपण करवाते हैं जब – जब इस पौधे से फल को ग्रहण कीजिएगा तब – तब बेटी को याद करेंगे | बताते चलें कि इनका उम्र केवल 18 है और पिछले पांच महीनों में 150 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर सैकड़ों पौधरोपण कर चुके हैं | इस हरित कार्य में पांचोपुर रोसरा स्थित बीएसएस क्लब के संस्थापक ऑक्सिजनमैन राजेश कुमार सुमन काफी सहायता करते हैं | यदि आपको भी अपने जन्मदिन, मुंडन, शादी व शादी के सालगिरह पर पौधरोपण करवाना चाहते है तो सूचित कीजिए आपको निःशुल्क पौधा भेंट करेंगे |

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