• राज्य के 14 जिलों में प्रखंड स्तर पर संचालित हो रहा नाईट ब्लड सर्वे
• अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने किया सर्वे स्थलों का पर्यवेक्षण
पटना- भारत सरकार ने वर्ष 2030 से घटाकर 2027 तक देश से फ़ाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है. फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरे देश में इस वर्ष से 10 फ़रवरी एवं 10 अगस्त से एमडीए कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में नाईट ब्लड सर्वे एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसमें रक्त सैंपल इकठ्ठा कर उनकी जांच की जाती है. इससे उक्त जगहों में माइक्रो फ़ाइलेरिया दर का पता चलता है. माइक्रो फाइलेरिया दर 1% से कम पाए जाने पर फाइलेरिया प्रसार को न्यूनतम स्तर पर माना जाता है. इस लिहाज से नाईट ब्लड सर्वे की सफलता बेहद जरुरी है. इसे ध्यान में रखते हुए अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में नियमित पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण के जरिए नाईट ब्लड सर्वे को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रखंड स्तरीय नीति के तहत किया जा रहा नाईट ब्लड सर्वे:
अगस्त माह में राज्य के 14 जिलों में एमडीए कार्यक्रम संचालित किया जाना है. इसके पूर्व पटना सहित राज्य के 14 जिलों में प्रखंड स्तरीय रणनीति के तहत प्रखंडों में नाईट ब्लड सर्वे अभियान संचालित किया जा रहा है. रात्रि 8.30 से 12 बजे के बीच चयनित स्थलों पर साईट का संचालन कर लोगों के रक्त के नमूने एकत्रित किये जा रहे हैं. हर प्रखंड में एक रैंडम और एक सेंटिनल साईट का संचालन किया जा रहा है. पटना शहरी क्षेत्र में 9 रैंडम एवं 9 सेंटिनल साईट संचालित किये जा रहे हैं. स्वास्थ्यकर्मी साईट पर लोगों को जागरूक कर उन्हें अपना ब्लड सैंपल देने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
नियमित पर्येवेक्षण से मिलेगी सफलता:
अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फ़ाइलेरिया डॉ. परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि नाईट ब्लड सर्वे की नियमित पर्येवेक्षण की जरुरत है. इससे साइट्स पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और वह पूरी लगन से अपने काम को संपादित करते हैं. इसी क्रम में मंगलवार को डॉ. परमेश्वर प्रसाद ने पटना शहरी क्षेत्र अंतर्गत दो रैंडम साइट्स का भ्रमण किया. उन्होंने बाजार समिति तथा पूर्वी लोहानीपुर स्थित निशा देवी मंदिर स्थित साइट्स का पर्येवेक्षण किया. पर्यवेक्षण के दौरान उन्होंने नाईट ब्लड सर्वे के बेहतर संचालन को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को जरुरी दिशा-निर्देश एवं सैंपल कलेक्शन में सजगता बरतने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी भी नाईट ब्लड सर्वे के लिए लोगों को जागरूक करें.
8.30 से 12 रात्रि तक लिए गए सैंपल ही देंगे ठोस परिणाम:
भ्रमण के दौरान अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, फ़ाइलेरिया डॉ. परमेश्वर प्रसाद के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ. राजेश पांडेय ने भी साइट्स का पर्येवेक्षण किया. इस दौरान साईट पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों का उन्मुखीकरण करते हुए डॉ. पांडेय ने बताया कि नाईट ब्लड सर्वे के ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए 8.30 से 12 रात्रि तक ही सैंपल इकठ्ठा करने का प्रयास करें. इस समय फ़ाइलेरिया के परजीवी सबसे अधिक एक्टिव होते हैं और उक्त समय में लिए गए सैंपल जांच के उपरांत सटीक परिणाम देते हैं.
भ्रमण के दौरान अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट एनटीडी कोऑर्डिनेटर डॉ. राजेश पांडेय, सिफार से रणविजय कुमार तथा नवनीत मौजूद रहे.



















































