फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स’ एसोसिएशन ऑफ इंडिया

548

समस्तीपुर : एफ.एम.आर.ए.आई. का त्रिवार्षीक तीन दिवसीय राष्ट्रीय महा अधिवेशन का तीसरे और अंतिम दिन की कार्यवाही ।
राजस्थान के कोटा जिले में एन.आई. जोसेप नगर के एन.के. तरफदार एवं अपूर्वा घोष मंच पर एफ.एम.आर.ए.आई. के राष्ट्रीय महाधिवेशन के तीसरे दिन निवर्तमान राष्ट्रीय महासचिव शांतनु चटर्जी ने महाअधिवेशन में भाग ले रहे प्रतिनिधियों के समक्ष सांगठनिक प्रतिवेदन का जवाब देते हुए सर्वप्रथम बहस में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को धन्यवाद दीया उनके द्वारा उठाए मुद्दों को प्रतिवेदन में शामिल करने का आश्वासन दिया । उन्होंने कहा कि हम सबों का सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि सभी दवा प्रतिनिधियों को एफ.एम.आर.ए.आई. का सदस्य बनाना आवश्यक है और एकता के आधार पर दवा कंपनियों के मालिकों के द्वारा बढ़ते अत्याचार तथा अनैतिक कार्यों पर रोक लगाया जा सकता है । उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के नाम पर अनैतिक कार्य कराना, कानून का उल्लंघन, दवा के दाम में अप्रत्याशित वृद्धि, केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए श्रमिक विरोधी श्रमिक संहिता को हटाया जाए, विक्रय प्रतिनिधियों के लिए न्याय संगत कार्य दशाएं तय की जाए, सेल्स प्रमोशन एम्पलाई 1976 का पालन सुनिश्चित कराने, विक्रय प्रतिनिधियों के न्यूनतम वेतन ₹26000 प्रतिमाह करने, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के नाम पर निगरानी, ट्रैकिंग और निजता पर हमला बंद करने, बिक्री के नाम पर विक्रय प्रतिनिधियों का उत्पीड़न बंद करने, दवाओं के ऑनलाइन मार्केटिंग के नाम पर कानून का उल्लंघन करने तथा ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगाने सहित तथा दवा उपकरणों पर जी.एस.टी समाप्त करने की मांग को जोर देते हुए संकल्प लिया गया ।
एफ.एम.आर.ए.आई. के राष्ट्रीय महाअधिवेशन के मुख्य मांग
जी.डी.पी. का 5% स्वास्थ्य पर खर्च करने ,
सार्वजनिक क्षेत्र के दवा कंपनियों, स्वास्थ उपकरण और वैक्सीन बनाने वाले इकाइयों को चालू किया जाए ।
ए.पी.आई. के उत्पादन को सुनिश्चित देश में किया जाए, सभी दवाओं के बढ़ते दाम पर केंद्र सरकार अंकुश लगाए, तथा उत्पाद कीमत पर दवाओं की कीमत तय की जाए, जी.एस.टी. को दवा तथा दवा उपकरणों पर समाप्त किया जाए, स्वास्थ्य सेवाओं के निजी करण पर अभिलंब रोक लगाया जाए, यूनिफॉर्म कोड ऑफ़ फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिस बनाया जाए और उल्लंघन करने वाले मालिकों को सजा का प्रावधान हो, सभी आवश्यक दवाओं आवश्यक लाइसेंस के साथ बाजार में सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाए , दवाओं के ऑनलाइन बिक्री बंद किया जाए उपरोक्त मांग के लिए जनता, ट्रेड यूनियन, जन संगठन और गणमान्य व्यक्तियों को साथ लेकर आवाज को बुलंद किया जाए ।
केंद्र सरकार को उपरोक्त मांग पर हमेशा फॉलो किया जाए, इन मांगों के लिए ट्रेड यूनियनों तथा जन संगठनों के साथ कार्य संपादित करें । साथ ही साथ पी.एफ. पर ब्याज दर की कटौती का एफ.एम.आर.ए.आई के राष्ट्रीय महाधिवेशन में निंदा प्रस्ताव पेश किया गया ।
एफ.एम.आर.ए.आई. के राष्ट्रीय महाधिवेशन में सर्वसम्मति से रमेश सुंदर को राष्ट्रीय अध्यक्ष , शांतनु चटर्जी को राष्ट्रीय महासचिव चुना जबकि पार्थो रक्षित को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष चुना गया ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here