बिहार सत्ता के लिए संविधान विरोधी अनाप शनाप बोलकर जनता को गुमराह कर रहे हैं : सुभाषचंद्र यादव

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संजय भारती

समस्तीपुर। 140 हसनपुर विधानसभा के वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष चन्द्र यादव ने कहा कि बिहार सत्ता के लिए संविधान विरोधी अनाप शनाप बोलकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 की तारीख एक ऐसा काला अध्याय है, जिसे न भूला जा सकता है और न ही माफ किया जा सकता है। इस दिन देश में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी द्वारा लगाए गए आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून को बिहार समेत पूरे देश में संविधान हत्या दिवस 2025 के रूप में कार्यक्रम आयोजित किया था। उसी दिन राजधानी पटना स्थित अधिवेशन भवन सभागार में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी एवं माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा जी की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्मित एक टेलीफिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान हुई संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की दमनात्मक स्थिति को दर्शाया गया। माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 25 जून के दिन को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन करार दिया। उन्होंने कहा 25 जून 1975 एक ऐसी तारीख थी जिसने भारत के लोकतंत्र को झकझोर दिया था। उन्होंने जेपी आंदोलन का ज़िक्र करते हुए कहा, जहां आम नागरिकों को, विशेषकर युवा छात्रों को, बिना किसी सुनवाई के गिरफ्तार कर लिया गया। माननीय विजय कुमार सिन्हा का मानना है कि तानाशाही मानसिकता वाले एक परिवार ने अपनी सत्ता की रक्षा के लिए संविधान और लोकतंत्र की हत्या कर दी। लाखों लोगों को जेल में डाला गया, प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई, अफसरों को मौन कर दिया गया और अनुच्छेद 21 को निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि विकास की गंगा बिहार में नीतीश सरकार ने बहाई है, जिन्होंने नरसंहार और जंगलराज पर लगाम लगाई। माननीय उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपातकाल को संविधान की निर्मम हत्या बताते हुए कहा कि यह घटना भारतीय लोकतंत्र पर कलंक है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने जिस संविधान की रचना 26 नवंबर 1949 को की थी, उसकी हत्या ठीक साढ़े 25 साल के बाद 25 जून 1975 को कर दी गई।
उन्होंने ऐतिहासिक दृष्टांतों के माध्यम से भारत की गौरवशाली विरासत की चर्चा की और बताया कि भारत ने दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया, लेकिन एक ही पार्टी की सत्ता के मोह ने उसे अपवित्र करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेकिंग इंडिया का सपना पूरा हो रहा है जिसके तहत सोने का शेर बनाया जा रहा है जो पूरे विश्व में दहाड़ने का काम कर रहा है। सुभाषचंद्र यादव ने माननीय उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहें और एक सशक्त, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम दोनों माननीय उपमुख्यमंत्रियों ने इस बात पर बल दिया कि बिहार की धरती ही लोकतंत्र की जननी रही है। जेपी आंदोलन की चिंगारी यहीं से फूटी थी, जिससे संपूर्ण क्रांति का नारा गूंजा और आज भी वह चेतना जीवित है। बिहार की धरती ने न सिर्फ भगवान राम को राजा राम से महान बनाया, बल्कि संपूर्ण क्रांति को भी दिशा दी। उन्होंने यह भी कहा कि आज वही लोग सत्ता के लिए लोगों को गुमराह करते हुए लोकतंत्र के स्तंभों को झुकाने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्होंने कभी लोकतंत्र को खंडित किया था। उन्होंने कहा आपातकाल का दौर युवाओं के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि अगर आज का युवा सजग न हुआ तो लोकतंत्र फिर खतरे में पड़ सकता है। हमें अपने संविधान, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आपातकाल के समय जब माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेल में थे, तब उन्होंने यह संकल्प लिया था कि बिहार में महिलाओं को 50% आरक्षण देंगे। आज वह सपना साकार हो चुका है।

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