संजय भारती
पटना। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि चुनाव आयोग के द्वारा एसआईआर के मुद्दे पर जिस तरह से बातें कही गई है ,वो सच पर आधारित नहीं है। सच तो यह है कि 65 लाख पहले वोटर के नाम डिलीट किए गए और बाद में तीन लाख 66 हजार लोगों के नाम डिलीट किए गए, लेकिन उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है । और तो और जो जिंदा व्यक्ति है उनके नाम मृतको की सूची में डाल दिया गया है। और जो मृतक है उन्हें जिंदा की लिस्ट में डाला गया है। बीएलओ की तारीफ करने से पहले चुनाव आयोग को यह देख लेना चाहिए की ड्राफ्ट लिस्ट में जो मामले थे। इस तरह का मामला फाइनल लिस्ट में भी आया है सामने। एक ही घर में 200 से ऊपर वोटर का नाम होना, यह त्रुटि को उजागर करता है और स्पष्ट करता है कि एसआईआर में गंभीरता कहीं नहीं दिखी।
इस मामले पर चुनाव आयोग ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश का पालन नहीं किया यह स्पष्ट रूप से दिखता है।






















































