समस्तीपुर में झुग्गी-झोपड़ी वासियों को उजाड़ने से पहले पुनर्वास मुहैया की व्यवस्था करे प्रशासन : सुरेंद्र

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संजय भारती

समस्तीपुर। सिर्फ झुग्गी-झोपड़ी एवं दुकान बना लेने से ही अतिक्रमण होता है अट्टालिका बना लेने से नहीं? जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शहर की सड़क किनारे से फूटपाथी दुकान एवं झुग्गी-झोपड़ी हटाने की कारवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रशासनिक कारवाई को “कदुआ पर सितुआ चोख” वाली कहावत बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन सिर्फ बस स्टैंड, थानेश्वर स्थान, मालगोदाम चौक, मोहनपुर रोड आदि स्थानों से अतिक्रमण हटाकर चमकदार एक्शन से लोगों का वाहवाही लूटना चाहती है लेकिन चाहे काशीपुर पोखर (दुर्गा पैलेस से पीछे), मुसापुर पोखर, पुरानी महिला काॅलेज, मवेशी अस्पताल, सदर अस्पताल, चीनी मिल, पेपर मिल आदि की जमीन को अतिक्रमण कर अट्टालिका बना लिया गया है। स्टेशन रोड, कृष्णा टाॅकीज रोड, पुरानी पोस्ट आफिस रोड, बारह पत्थर आदि की सड़कें को वरिष्ठ नागरिक बताते हैं करीब 100 फीट थी। आदर्शनगर की सड़क 120 फीट तक चौड़ी थी, लेकिन अभी क्यों संकीर्ण हो गई? माले नेता ने कड़े लिहजे में कहा कि प्रशासनिक मिलीभगत से आज सरकारी जमीन की धड़ल्ले से भूमाफिया के द्वारा खरीद-बिक्री की जा रही है। सरकारी जमीन पर व्यवस्था विकसित किया जा रहा है। बुढ़ी गंडक के पेट की जमीन समेत अन्य सरकारी जमीन पर बड़े-बड़े महल बना लिया गया है। उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने के बजाय सड़क किनारे जीविकापार्जन कर रहे फूटपाथी दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है। गरीब- भूमिहीनों की झुग्गी-झोपड़ी बुलडोजर से हटाया जा रहा है। यह जनविरोधी कारवाई है। प्रशासन पहले फूटपाथियों, झुग्गी-झोपड़ी वासियों को तमाम सरकारी सुविधा मुहैया कराकर पुनर्वास कराये फिर हटाने की व्यवस्था करें अन्यथा भाकपा माले आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।

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