सीताराम येचुरी का निधन पर शोक।

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*पांच दशकों तक रहे वामपंथी राजनीति की धुरी।

समस्तीपुर, वारिसनगर, बाजार समिति रोड मथुरापुर मे भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की वारिसनगर प्रखण्ड कमिटी की बैठक बिशुनदेव शर्मा की अध्यक्षता व संचालन जितेन्द्र कुमार कुशवाहा ने किया।शोक सभा कर कॉ.सीताराम येचुरी कीदो मिनट का शोक व्यक्त किया गया। वक्ताओ ने कहा कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी )के दिग्गज नेता सीताराम येचुरी का निधन हो गया । उन्होंने 72 साल की उम्र में दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में कल अंतिम सांस ली । सीताराम येचुरी अपने पीछे पत्नी सीमा चिश्ती येचुरी और बेटी अखिला येचुरी को छोड़ गए हैं। उनके बेटे आशीष का 2021 में निधन हो गया था।सीताराम येचुरी का जन्म 12 अगस्त 1952 को चेन्नई में एक तेलुगु भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। आपातकाल में जेएनयू में रहते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह लगातार तीन बार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। 1984 में उनको सीपीआई एम की केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था। 2015 में उनको पार्टी का महासचिव चुना गया। येचुरी 2005 में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। 2016 में राज्यसभा में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने सदन में कई मुद़्दे उठाए। येचुरी विभिन्न मुद्दों पर राज्यसभा में अपने सशक्त और स्पष्ट भाषणों के लिए जाने जाते थे। वह बहुभाषी थे और हिंदी, अंग्रेजी ,तेलुगु, तमिल, बांग्ला तथा मलयालम पर उनका समान अधिकार था ।

वह हिंदू पौराणिक कथाओं के भी अच्छे जानकार थे और अक्सर अपने भाषणों में खासकर भारतीय जनता पार्टी पर हमला करने के लिए उन संदर्भों का इस्तेमाल करते थे। वह नरेन्द्र मोदी सरकार और इसकी नीतियों के सबसे मुखर आलोचकों में से एक रहे। 2024 के आम चुनाव के दौरान, जब एकजुट विपक्ष के लिए बातचीत शुरू हुई और विपक्षी दल एक साथ मिलकर ‘इंडिया’ गठबंधन बनाने लगे, तो माकपा इसका एक हिस्सा थी और येचुरी गठबंधन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे। बैठक मे विष्णुदेव महतो, सतीश कुमार प्रसाद ,बैजनाथ साह, गंगा शर्मा, अनिला देवी, एस. एम. ए. इमाम, शिवकुमार गुप्ता, ललित सहनी, प्रदीप कुमार, दरोगी देवी, अनारसी देवी, रामरतन साह आदि बैठक मे मौजुद रहे।

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