स्वास्थ्य विभाग, गर्भवती महिला, जच्चा व बच्चा के नियमित टीकाकरण के लिए लगातार चलाता है अभियान:

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बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी: राज्य टीकाकरण पदाधिकारी
टीकाकरण विभिन्न तरह की गंभीर बीमारियों से करता है सुरक्षा प्रदान: डॉ नरेन्द्र कुमार सिन्हा

पूर्णिया, 14 जून।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण कराना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि इससे न केवल गंभीर बीमारियों से बचाव होता है बल्कि सुरक्षित एवं सामान्य प्रसव को बढ़ावा भी मिलता है। इसीलिए कोई भी बच्चा और गर्भवती महिला नियमित टीकाकरण से वंचित नहीं रह जाएं जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाया जाता है। उक्त बातें राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य टीकाकरण पदाधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार सिन्हा ने बिहार के दस जिलों में नवनियुक्त एएनएम के नियमित टीकाकरण को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। पूर्णिया जैसे शहर के लिए गौरव की बात है कि यहां पर 10 जिलों की नवनियुक्त एएनएम प्रशिक्षण लेने आई हुई हैं। शहरी क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण कार्य को संयमित एवं सुरक्षित करने के लिए 10 से 16 जून तक चल रहे प्रशिक्षण में विभिन्न जिले से आई एएनएम को यूनिसेफ़ की टीम द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। जिसमें आज दूसरे चरण के अंतिम दिन कटिहार से 21, खगड़िया से 13, बांका से 08 एवं पूर्णिया से 06 एएनएम शामिल हुई हैं। यूनिसेफ़ भारत के स्वास्थ्य प्रमुख लुइगी डी एक्वीनो, पोषण विभाग के प्रमुख अर्जन डे वग्त सहित कई अन्य अधिकारियों ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बताया कि भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के तकनीकी साझेदार के रूप में यूनिसेफ़ एक मात्र वैसी संस्था है जो पूरे विश्व में शिशुओं के लिए कार्य करती है। यह सरकार को सहयोग करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि टीकाकरण के द्वारा सुरक्षित किए जाने वाली बीमारियों से कोई भी शिशु प्रभावित न हो सके।

राज्य स्वास्थ्य समिति के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमूल होदा, यूनिसेफ़ भारत के स्वास्थ्य प्रमुख लुइगी डी एक्वीनो, पोषण विभाग के प्रमुख अर्जन डे वग्त, बिहार के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ शंकर रेड्डी, कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र पांड्या, पोषण अधिकारी रवि नारायण, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरिता आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर ज़िला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन, नियमित टीकाकरण के राज्य सलाहकार रणवीर कुमार, विभीषण झा, क्षेत्रीय सलाहकार शिव शेखर आनंद, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ अनीसुर्रहमान भुइयां, चाई के वत्सल ढाका एवं यूएनडीपी वीसीसीएम रजनीश पटेल सहित कई अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

टीकाकरण विभिन्न तरह की गंभीर बीमारियों से करता है सुरक्षा प्रदान: डॉ नरेन्द्र कुमार सिन्हा
राज्य टीकाकरण पदाधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार सिन्हा ने
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी एएनएम प्रतिभा गियों को बताया कि टीकाकरण विभिन्न तरह की गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। जिस बच्चे का टीकाकरण नहीं हुआ वह कभी भी गंभीर रूप से बीमार हो सकता है, इसके साथ ही स्थायी रूप से अक्षम या कुपोषण का शिकार भी हो सकता है। जिस नवजात शिशुओं को सभी तरह के टीकाकरण या दवा पिलाई गई हो, उसे पूर्ण रूप से टीकाकृत माना जाता है। टीकाकरण होने मात्र से कई तरह की गंभीर बीमारियों के खिलाफ बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। टीकाकरण तभी काम करता है जब वह बीमारी के होने से पहले दिया गया हो। जो बच्चा टीकाकृत नहीं हो, वह खसरा, कुकुर खांसी सहित कई अन्य तरह की बीमारियों से ग्रसित हो सकता है। जिससे उसकी मौत भी हो सकती है। जो बच्चे इन बीमारियों से ग्रस्त होते हैं वह काफ़ी कमजोर हो जाते हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था से पहले या उस दौरान टेटनेस एवं टॉक्सिड की कम से कम दो खुराक न केवल महिला, बल्कि उसके नवजात शिशुओं को शुरुआती सप्ताह में टे टनेस से सुरक्षा प्रदान करता है।

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