ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा (बिहार) के विश्वविधालय इतिहास विभाग के युवा शिक्षाविद सह इतिहास विभाग पूर्ववर्त्ती छात्र संघ के सचिव डा. मो. जमील हसन अंसारी जी ने डॉ. भास्करनाथ ठाकुर जी के सेवानिवृत्ति पर अपनी हार्दिक बधाई और सम्मानजनक अभिवादन अर्पित की है।
दिनांक 31 जनवरी 2025 को एक नए युग की शुरुआत हुई, जब डॉ. भास्करनाथ ठाकुर, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वरनगर, दरभंगा (बिहार) की अंगीभूत इकाई एम.एल.एस.एम. कॉलेज दरभंगा (बिहार) के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति विभाग के एक श्रधेय शिक्षक और विद्वान, 40 वर्षों के निरंतर सेवा के उपरांत सेवानिवृत हुए।
डॉ. ठाकुर की सेवानिवृत्ति पर डा. जमील हसन अंसारी ने कहा कि यह एक नए अध्याय की शुरुआत है, लेकिन यह भी एक अवसर है उनकी सेवाओं और योगदान को याद करने का। उन्होंने अपने 40 वर्षों के कार्यकाल में न केवल अपने छात्रों को शिक्षा दी, बल्कि प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के क्षेत्र में न जाने कितने छात्र-छात्राओं को एक अच्छा इंसान भी बनाने में मदद की।
डा. मो. जमील हसन अंसारी जी ने डॉ. ठाकुर को उनकी सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की। साथ ही डा. अंसारी ने कहा की हमें उम्मीद है कि वह अपने ज्ञान और अनुभव को समाज के लिए उपयोग में लाएंगे और हमेशा एक प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।




















































