शिक्षक पुस्तकीय या सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक एवं अनुभव परक ज्ञान देने में सक्षम- डॉ चौरसिया

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विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग में डॉ शिखर वासिनी का स्वागत एवं डॉ शिवानन्द झा का विदाई समारोह आयोजित

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र में नवनियुक्त विभागाध्यक्ष डॉ सिखर वासनी का स्वागत एवं निवर्तमान विभागाध्यक्ष डॉ शिवानन्द झा का सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रो एस सी मिश्रा, डॉ कृष्णकान्त झा, डॉ आर एन चौरसिया, डॉ संजीव कुमार साह, डॉ प्रियंका राय, डॉ विवेकानन्द झा, शिल्पा रानी, ज्योत्सना झा सहित 40 से अधिक व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर विभाग की ओर से पाग, चादर, माला, मोमेंटो एवं पुष्प-पौधा आदि उपहारों से डॉ झा का सम्मान किया गया। समारोह का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। प्रो एस सी मिश्रा ने डॉ शिवानन्द के स्वस्थ, सुखी एवं लंबे जीवन की कामना करते हुए कहा कि यदि नवनियुक्त अध्यक्षता डॉ शिखार वासिनी को मेरी जरूरत हो तो मैं सदा विभाग के लिए जन संसाधन एवं आर्थिक साधन उपलब्ध करने को तैयार रहूंगा। अध्यक्षीय संबोधन में संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ कृष्णकान्त झा ने कहा कि डॉ शिवानन्द कम समय में ही अपने कार्यों एवं व्यवहारों से सबके स्मरणीय हो गए।
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि शिक्षक कभी भी अवकाश ग्रहण नहीं करता है, बल्कि उनका दायित्व बदल जाता है। आज डॉ शिवानन्द सरकारी बंधनों से मुक्त होकर न केवल शैक्षिक, बल्कि पारिवारिक, सामाजिक अथवा इच्छित अन्य कार्यों को करने के लिए स्वतंत्र हैं। कहा कि बदलते समय में शिक्षकों से केवल पुस्तकीय सैद्धांतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक एवं अनुभवपरक ज्ञान देकर छात्रों का मार्गदर्शन करने की अधिक जरूरत है। इस अर्थ में डॉ शिवानन्द एवं डॉ शिखर वासिनी अपने अच्छे व्यवहार, अनुकरणीय आचरण एवं मधुर वचनों से छात्रों को बेहतरीन सीख दे रहे हैं। ये दोनों न केवल शिक्षक के रूप में, बल्कि अभिभावक के रूप में भी काफी सफल रहे हैं। वहीं डॉ शिवानन्द झा ने अपने कार्यकाल की सभी उपलब्धियों के लिए विभागीय शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को श्रेय देते हुए बताया कि पैट-2024 की परीक्षा देने वाले 20 अभ्यर्थियों में से 19 का चयन होना हमारे लिए गर्व की बात है। डॉ शिखर वासनी ने कहा कि मैं सबके सहयोग से विभाग के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करूंगी। विभाग में सहयोगपूर्ण एवं पारिवारिक माहौल बनाने की भी कोशिश करूंगी। प्राध्यापक डॉ संजीव कुमार साह ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि विभाग को पहली महिला अध्यक्षा मिली है। विभागीय प्राध्यापिका डॉ प्रियंका राय ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ शिवानन्द के कभी क्रोध या घमंड नहीं करने के आदर्श रूप को प्रशंसा करते हुए उन्हें अनुकरणीय व्यक्तित्व का धनी व्यक्ति बताया। शोधार्थियों की ओर से हर्षित आनन्द, बबलू कुमार, प्रदीप कुमार एवं प्रियंका सरकार आदि ने भी विचार व्यक्त किया, जबकि मणिमला ने विदाई गीत प्रस्तुत किया। प्रदीप कुमार ने गणेश वंदना, स्वागत गीत मणिमाला कुमारी ने प्रस्तुत किया, जबकि संचालन ईशान ने किया।

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