अशोक धम्म विजयदशमी पर समस्तीपुर में भव्य समारोह: बिहार अंडर-19 कप्तान पुष्पम राज सहित राज्य चैंपियन सम्मानित!

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अमरदीप नारायण प्रसाद

  • विभूतिपुर में फहराया गया पंचशील ध्वज; बुद्ध के शांति, करुणा व अहिंसा के मार्ग पर चलने का दिया गया संदेश
  • धम्म विजयदशमी समारोह: बिहार U-19 कप्तान और बॉक्सिंग स्टेट चैंपियनों का विभूतिपुर में नागरिक अभिनंदन

समस्तीपुर । राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह आलमपुर कोदरिया वार्ड 13 निवासी पत्रकार राम कुमार महतो के आवासीय परिसर में अशोक धम्म विजयदशमी सह पंचशील ध्वजारोहण एवं सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य स्तर के खिलाड़ियों और गणमान्य हस्तियों को सम्मानित किया गया।

  • खेल प्रतिभाओं और अतिथियों का हुआ नागरिक अभिनंदन

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान पुष्पम राज, विशिष्ट अतिथि के रूप में युवाशाला के संस्थापक विकास कुमार तथा ओटी असिस्टेंट राम पदारथ रजक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले बॉक्सिंग स्टेट चैंपियन विकेश कुमार, रजनीश कुमार, प्रियम कुमारी एवं सुमन कुमार का नागरिक अभिनंदन किया गया। सभी सम्मानित प्रतिभाओं को पंचशील पट्टी, पुष्प माला, अंगवस्त्र और महान सम्राट अशोक की तस्वीर
भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
पंचशील ध्वजारोहण एवं वैचारिक सत्र
कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार सह प्रधान शिक्षक राजाराम महतो ने की, जबकि मंच संचालन प्रेम चन्द्र सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंचशील ध्वजारोहण उपरांत मोमबत्ती जलाने के साथ हुई।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने धम्म विजयदशमी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास और संस्कृति का स्वर्णिम पृष्ठ है। इसी पावन तिथि को चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने युद्ध, हिंसा और रक्तपात को त्यागकर भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और अहिंसा के मार्ग धम्म को स्वीकार किया था। यह शस्त्रों पर शास्त्र, शांति और प्रेम की विजय का प्रतीक है। वक्ताओं ने पंचशील ध्वज के पांच रंगों और बुद्ध के पंचशील सिद्धांतों (अहिंसा, अस्तेय, सदाचार, सत्य और अप्रमाद) की व्याख्या करते हुए समाज में नैतिक मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।

  • बाबा साहेब आंबेडकर के योगदान को किया याद

कार्यक्रम में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. बी. आर. आंबेडकर के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने बताया कि आज ही के दिन नागपुर की पावन भूमि पर डॉ. आंबेडकर ने लाखों अनुयायियों के साथ बुद्ध धम्म की दीक्षा ली थी और देश में सामाजिक समानता, बंधुत्व तथा मानवाधिकारों की नई चेतना जगाई थी। वर्तमान दौर के तनाव और असमानता से निपटने के लिए सम्राट अशोक और बाबा साहेब का दिखाया मार्ग ही सबसे उपयुक्त माध्यम है। कार्यक्रम में गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति इस भव्य समारोह में क्षेत्र की कई प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक व शैक्षणिक हस्तियां उपस्थित रहीं। प्रमुख रूप से विनय भूषण (पत्रकार), रीना राय (जिला पार्षद), मनीषा देवी (पूर्व मुखिया), चंद्रदेव प्रसाद सिंह (पुर्व मुखिया), अरविंद कुमार राम (प्रधान शिक्षक) शीतल पासवान (प्रभारी प्रधानाध्यापक), अभिषेक अनल, अनीता देवी (पुर्व पै. प्र. कार्यकारिणी सदस्य), डॉ. राम बाबू राम, डॉ. देवेंद्र कुमार (शिक्षक), अमरेश, संजीव राम, विवेक कुमार, वशिष्ठ राम, ब्रह्मदेव महतो, रौशन ,दीपक सहित स्थानीय ग्रामीण व बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

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