समस्तीपुर,
गायघाट के महिला रिमांड होम से लड़कियों को सप्लाई करने की घटना गंभीर मामला है. इससे एक बार फिर बिहार शर्मशार है. घटना की जांच समय सीमा के अंदर कोर्ट की निगरानी में हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने, मामले को खुलासा करने वाली लड़की एवं उसके परिजनों की सुरक्षा की मांग महिला अधिकार कार्यकर्ता सह ऐपवा जिला अध्यक्ष बंदना सिंह ने किया है.
उन्होंने गुरूवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रिमांड होम से लड़कियों को सप्लाई करना अत्यंत शर्मनाक घटना है. इससे बिहार ही नहीं पूरा देश शर्मशार है. घटना की अविलंब कोर्ट की निगरानी में संबंधित विभाग, अधिकारी, मंत्रालय आदि की संपूर्ण जांच हो, दोषियों पर कारबाई हो ताकि बेटियों के भक्षक को सजा मिल सके.
उन्होंने कहा कि भाजपा- जदयू के नीतीश सरकार के किसी भी जांच ऐजेंसी पर अब भरोशा नहीं है. भाजपा- जदयू सरकार पीड़ितों को न्याय देने के बजाय दोषियों को संरक्षण दे रही है. कुछ मामले में न्याय मिला है तो कोर्ट के हस्तक्षेप से ही न्याय मिला है.
ऐपवा नेत्री ने आगे कहा कि बिहार के पटना के गायघाट रिमांड होम की घटना जो सामने आई है, समाज कल्याण विभाग या पटना के जिलाधिकारी ने एक बार भी लड़की की बात सुनने की कोशिश नहीं कि बल्कि उसे झूठी, पागल और न जाने क्या-क्या बोला. ऐपवा इसकी निंदा करती है. उन्होंने कहा कि घटना बताने वाली लड़की का हाथ ही उसकी बात की गवाही दे रहा हैं कि उसने जिल्लत भरी जिंदगी से खुद की खत्म करना चाहा लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था. आज उसमें लड़ने की हिम्मत आ गई हैं, ऐपवा इसकी सराहना करती है और पूरी ताकत से उसके इस लड़ाई को लडने की घोषणा करती है.


















































