संजय भारती
समस्तीपुर। जनवादी लेखक संघ की समस्तीपुर जिला इकाई की ओर से प्रेमचंद की 145 वीं जयंती के अवसर पर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ भवन में एक विमर्श का आयोजन किया गया। ‘प्रेमचन्द के सपनों का भारत ‘ विषय पर आयोजित विमर्श की अध्यक्षता जनवादी लेखक संघ के जिला अध्यक्ष शाह ज़फ़र इमाम ने किया जबकि संगठन के जिला सचिव डॉ अरुण अभिषेक ने कार्यक्रम के संचालन के साथ -साथ विषय प्रवेश भी किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिन्दी के वरिष्ठ कवि प्रो. हरि नारायण सिंह हरि थे। उन्होंने विस्तार से प्रेमचंद की रचनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेमचंद का पूरा साहित्य एक बेहतर भारत के निर्माण को प्रतिबद्ध था। विमर्श में अमलेन्दू कुमार, बलवंत प्रसाद, डॉ श्याम कांत महतो, डॉ बीडी सिंह, अयूब अंसार, अरविंद सत्यदर्शी, कासिम सबा,सुरेश राम, सुजीत कुमार ,शरफे आलम, चन्देश्वर राय एवं मो. हमीरपुर रहमान ने अपने -अपने विचार साझा किए। अपने अध्यक्षीय भाषण में शाह ज़फ़र इमाम ने कहा कि प्रेमचंद ने एक ऐसे भारत के निर्माण का सपना देखा था जिसमें भूख, गरीबी, भ्रष्टाचार एवं गैरबराबरी न हो और हर एक इंसान को बराबरी का हक मिल सके और देश पूरी तरह से विदेशी गुलामी से मुक्त हो। कार्यक्रम की शुरुआत प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। कार्यक्रम में दर्जनों की संख्या में लेखक,कवि एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।




















































