अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर। जिला के मोहिउद्दीन नगर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव अलौकिक रीति से हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया।
महोत्सव में श्री कृष्ण की चैतन्य झांकी सजाई गई, उनकी महाआरती की गई और श्री कृष्ण प्रश्नमंच का भी आयोजन किया गया।जन्माष्टमी के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमारी आशा बहन ने कहा कि श्री कृष्ण सर्व दैवी गुणों से संपन्न देव शिरोमणि हैं। उनकी आत्मा ने परमात्मा शिव से सत्य गीता ज्ञान द्वारा अपने जीवन में सर्व शक्तियां धारण कर देव पद प्राप्त किया, जिनका जन्म शीघ्र ही इस भारत भूमि पर होने वाला है। जिस भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, वह भारत फिर से स्वर्ग बनने वाला है। ऐसी दुनिया कृष्णपुरी में ले चलने के लिए स्वयं परमात्मा अभी हमें दैवी गुणों से संपन्न बना रहे हैं। जैसे पहले मकान का नक्शा बुद्धि में स्पष्ट होता है फिर उसे कागज पर उकेरा जाता है और अंततः वही नक्शा सुंदर भवन का रूप ले लेता है। ठीक इसी प्रकार परमात्मा हमें श्रेष्ठ ज्ञान देकर हमारे खराब आसुरी संस्कारों को बदल कर श्रेष्ठ दैवी संस्कार बना रहे हैं और हमारे संस्कारों के बदलने से यह संसार दैवी संसार स्वर्ग बन जाता है। उन्होंने कहा श्री कृष्ण के मुकुट पर मोर पंख उनकी संपूर्ण पवित्रता को दर्शाता है, स्वदर्शन चक्र स्वयं के सत्य और संपूर्ण पावन स्वरूप के श्रेष्ठ दर्शन का यादगार प्रतीक है और बांसुरी जीवन में संपूर्ण आनंद को प्रदर्शित करता है इसलिए श्री कृष्ण को हर परिस्थिति में सदैव हर्षित और निश्चिंत दिखाया गया है।कार्यक्रम में दर्जनों भाई-बहन उपस्थित थे।






















































