बिहार और बिहार के किसानों से क्या दिक्कत है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को – सुनील पुष्पम

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समस्तीपुर। भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर) के बेगूसराय स्थित क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र को नरेंद्र मोदी सरकार ने कर्नाटक के शिवमोग्गा में स्थानांतरित करने के निर्देश को लेकर हसनपुर विधानसभा के पूर्व राजद विधायक सुनील कुमार पुष्पम ने कहा कि बिहार विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं एनडीए घटक दलों के लोग लम्बी लम्बी छोड़ते रहते हैं कि बिहार एनडीए सरकार के शासन काल में बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है और बिहार चहुमुखी विकास कर रहा है। लेकिन बिहार विकास के लिए जो भी नरेंद्र मोदी सरकार के पहले से ही बिहार में जो संस्थान स्थित है उसे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार उसे भी बिहार से बाहर स्थान्तरित कर बिहार विकास में बाधा डालते हुए बिहार वासियों के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा वह भी तब जब नीलगाय और बाढ़ की समस्या का सामना करते हुए भी मक्का उत्पादन में बिहार के अन्नदाता किसान पूरे देश में अव्वल है। श्री पुष्पम ने कहा पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया और समस्तीपुर जिलों के किसानों की आय का मुख्य स्रोत मक्का की खेती ही है। नरेंद्र मोदी सरकार का यह फैसला किसान और बिहार विरोधी है। बिहार के अन्नदाता आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में इसका हिसाब नरेंद्र मोदी की सरकार से करेंगे। उन्होंने कहा आपकी जानकारी के लिए बता दूं क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र, कुशमहौत, बेगूसराय की स्थापना 4 मई 1997 को जनता दल के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी के नेतृत्व में जनता दल की अगुवाई में बनी संयुक्त मोर्चा सरकार के प्रधानमंत्री दिवंगत श्री इंद्र कुमार गुजराल जी के कार्यकाल में हुआ था। लेकिन एक यह एनडीए की सरकार है जिसमें नीतीश कुमार सहित अन्य घटक दलों के सहयोगी भी इस अहम मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। जिसे बिहार की जनता कभी भी माफ नहीं करेंगे।

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