भगत सिंह की 114 जयंती पर बजरंग दल रक्त समूह ने किया 15 यूनिट रक्तदान किया

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अमरदीप नारायण प्रसाद।

27 सितंबर विश्व हिंदू परिषद एवं गौ रक्षा दल जिला दरभंगा के द्वारा जिला संयोजक एवं गौ रक्षा प्रमुख राजीव प्रकाश मधुकर के नेतृत्व में शुक्ला व्लड बैंक के प्रांगण में क्रांतिकारी भगत सिंह जी की 114 वी जयंती के अवसर पर महा रक्तदान का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में डॉक्टर M K शुक्ला हिंदू जागरण मंच के प्रांत मंत्री वरुण कुमार झा वार्ड 34 के पार्षद पति संतोष कुमार महतो उपस्थित हुए इस मौके पर भगत सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया इस मौके पर राजीव मधुकर के द्वारा अतिथियों को पाग माला प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो से सम्मानित किया गया इस मौका पर दरभंगा जिला रक्त कोर्डिनेटर उमेश प्रसाद ने ईस मौके पर 64 रक्तदान कीया राजीव प्रकाश मधुकर ने आपना 14 माह रक्तदान किया सिंह बारा प्रखंड के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार राय प्रखंड सह मंत्री नीरज सिंह रितेश कुमार प्रमोद कुमार गुप्ता प्रभात प्रसाद अंगद कुमार संतोष कुमार महतो अनवर अली श्याम कुमार गगन कुमार एवं राजकुमार सोनू सूमन पंकज कुमार रोहित राज अमीत कूमार इन लोगों ने अपना रक्तदान कर देशभक्तों की आत्मा के शांति का कामना किया और भगत सिंह की जय जय कार भारत मां की जय जय कार से गूंज उठा डोनेशन के उपरांत डोनर को एक प्रशस्ति पत्र और मोंटू से संगठन की ओर से सम्मानित किया गया इस मौके पर डॉ शुक्ला ने कहाभगत सिंह (जन्म: 28 सितम्बर 1907[a] , मृत्यु: 23 मार्च 1931) भारत के एक महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी थे। चन्द्रशेखर आजाद व पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अभूतपूर्व साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया। पहले लाहौर में बर्नी सैंडर्स की हत्या और उसके बाद दिल्ली की केन्द्रीय संसद (सेण्ट्रल असेम्बली) में बम-विस्फोट करके ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुले विद्रोह को बुलन्दी प्रदान की। इन्होंने असेम्बली में बम फेंककर भी भागने से मना कर दिया। जिसके फलस्वरूप अंग्रेज सरकार ने इन्हें २३ मार्च १९३१ को इनके दो अन्य साथियों, राजगुरु तथा सुखदेव के साथ फाँसी पर लटका दिया गया। मौके पर जिला संयोजक एवं गौ रक्षा प्रमुख ने कहादेश की सरकार भगत सिंह को शहीद नहीं मानती है, जबकि आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले भगत सिंह हर हिन्दुस्तानी के दिल में बसते हैं।
भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उस समय उनके चाचा अजीत सिंह और श्‍वान सिंह भारत की आजादी में अपना सहयोग दे रहे थे। ये दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पाटी के सदस्‍य थे। भगत सिंह पर इन दोनों का गहरा प्रभाव पड़ा था। इसलिए ये बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे थे।
भगत सिंह करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्यधिक प्रभावित थे। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के बाल मन पर बड़ा गहरा प्रभाव डाला।

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