अमरदीप नारायण प्रसाद
समस्तीपुर को मिथिला का प्रवेश द्वार कहा जाता है, इसलिए मिथिला की परंपराओं और मिथिला पेंटिंग जो विश्व प्रसिद्ध है, आजकल समस्तीपुर के कई युवा इसमें रुचि रखते हैं और उसी क्षेत्र को अपनी जीविका का भी माध्यम बना रहे हैं,इसी बीच समस्तीपुर के 21 वर्षीय छात्र (स्नातक- वनस्पति विज्ञान) सितेश कुमार भी मिथिला पेंटिंग में रुचि रखते हैं और सैकड़ों तरह के मिथिला पेंटिंग बना रहे हैं और सीख रहे हैं और साथ ही उन्होंने कहा कि मिथिला पेंटिंग विश्व प्रसिद्ध है देश विदेशों में इसे काफी पसंद किया जाता है,और यह पेंटिंग देखने में बेहद मनमोहक और यूनिक लगता है जिसके कारण लोगों का आकर्षण इसके तरफ़ अधिक होता है। विशेष रूप मिथिलांचल क्षेत्रों में शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, पर्व त्यौहार पर मिथिला पेंटिंग की जाती है जो कि उसमें चार चांद लगाता है। इसकी खुबसूरती और महत्व लोगों तक बड़े ही आसानी से पहुंच जाती है।



















































