जीकेपीडी कॉलेज की एनएसएस इकाई-2 के द्वारा ‘योग भगाए रोग’ विषय पर कार्यशाला आयोजित
जीकेपीडी कॉलेज, कर्पूरीग्राम, समस्तीपुर की एनएसएस इकाई-02 के तत्वावधान में “योग भगाए रोग” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए कॉलेज शासी निकाय के सचिव प्रो मो अनिसुर रहमान ने कहा कि योग सिर्फ कुछ आसनों का अभ्यास नहीं, बल्कि एक मुकम्मल जीवनशैली है। यह बढ़ती उम्र में भी तन और मन को स्वस्थ तथा दिमाग को युवा बनाए रखने का विज्ञान है। कहा कि इसे जीवन में अपनाने से अनेक बीमारियों से बचाव होता है। नियमित योगासन से शरीर में लचीलापन बना रहता है तथा मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस पदाधिकारी डॉ आर एन चौरसिया ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि योग प्राचीन भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है जो तन, मन और आत्मा को एक सूत्र में पिरोने का विज्ञान है। यह रोगों को जड़ से मिटता है, हमारी रोग प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाता है तथा हमारे शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को तेज करता है। कहा कि “योग भगाए रोग” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य प्राप्ति का अचूक मार्ग तथा हमारी बेहतरीन जीवन पद्धति है। स्वागत भाषण करते हुए प्रधानाचार्य प्रो रामप्रवेश ठाकुर ने कहा कि योग केवल रोगी व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि किसी भी वृद्ध, महिला, पुरुष विद्यार्थी के लिए आवश्यक है।यह सभी धर्म, जाति, वर्ग या देश-विदेश के लोगों के लिए स्वस्थ रहने का सस्ता, सरल एवं वैज्ञानिक तरीका है। योग प्रशिक्षक के रूप में दरभंगा के राम नारायण शुक्ला ने वज्रासन, मंडूकासन, शवासन, ताड़ासन, मकरासन आदि को करते हुए ओमकार उच्चारण, प्राणायाम तथा ध्यान आदि का लाभ बताया तथा अभ्यास भी कराया। उन्होंने तनाव, मोटापा, कब्ज, अपच, नींद की समस्या, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप आदि के लिए अलग-अलग आसानों एवं प्राणायामों का भी अभ्यास कराया।
कार्यक्रम पदाधिकारी सह कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रेम कुमारी ने कहा कि उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़े दिन 21 जून को 2015 से ही विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। 2026 में इस बार 12 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। यह हमलोग के लिए गर्व की बात है। उन्होंने आह्वान किया कि लोग योग को अपने दैनिक जीवनचार्य में शामिल करें और स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें। कार्यशाला में शिक्षक- प्रो दिनेश प्रसाद, प्रो हरि प्रसाद राय, प्रो नवल किशोर सिंह तथा प्रो बसंत कुमार, प्रो नंदकिशोर सिंह, स्वयंसेवक- अंकित, शिवम, शशिरंजन, शोभा, सुमन, अनामिका, नव्या, आयुष, आशुतोष सहित 60 से अधिक व्यक्तियों भाग लिया। अतिथियों का स्वागत पाग एवं चादर से किया गया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो दिनेश प्रसाद किया।






















































