संत रविदास के सिद्धांत का अनुसरण करें युवा: डां शंभू कुमार।

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अमरदीप नारायण प्रसाद।

समस्तीपुर जिले के बिभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के साख मोहन में संत रविदास जी की जयंती मनाई। गई इस अवसर पर बेगूसराय खगरिया से संगठन के सदस्य शामिल हुए इस अवसर पर हिदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष सह समस्तीपुर बेगूसराय खगरिया के प्रभारी डां शंभू कुमार ने उनके जीवनी एवं इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास एक आदर्श संत थे ,जो अपने धर्म की रक्षा के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया। विधर्मी शासकों ने उन्हें धर्म परिवर्तन करने की शर्त पर जीवन दान देने की बात किया ,पर उन्होंने मृत्यु का वरण किया पर धार्मिक अधिनता स्वीकार नहीं किया ।ऐसे त्याग साहस धेर्य एवं सिद्धांत के पक्के थे। जिनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।वे वैष्णव धर्म के आदि जगत गुरु रामानंदाचार्य स्वामी के शिष्य थे विदेशी शासकों ने जब देश को गुलाम बनाया तो धार्मिक अधिनता स्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध कर दिया तो जगत गुरु रामानंदाचार्य स्वामी ने अपने सिद्धी सिंदांत और कर्मठता के वल पर अपने सैद्धांतिक शिष्यों के संगठन बनाकर धर्म को न केवल बचाया वल्की प्रत्येक गांव में जाकर जागरूकता पैदा कर धर्म की रक्षा किया और उनके बारह शिष्यों ने देश भर में संकल्पित होकर मंदिरों की स्थापना किया जिसका उदाहरण आज गांव-गांव में मंदिर सनातन धर्म के आधार स्तंभ हें ।वैष्णव सनातन धर्म समष्टी वाद के सिद्धांत का मार्गदर्शन करता है और कण कण में ईश्वर के अंश को मानता है और अहिंसा परमो धर्म के साथ धर्मों रक्षति रक्षिता के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है समाज मेंआज जरूरत है ऐसे संतो की जो दिखावा से दूर कर्म एवं धर्म की ईमानदारी से रक्षा करें।उनका सिद्धांत था जात ना पूछो साधु की पूछ लीजिए ज्ञान ।इस अवसर पर गोपाल जी राहुल पिंकेश, कृष्ण जी सुनिल भास्कर धीरज बम-बम वासुकी गोवराज सिंह शबनम वगैरह दर्जनों लोग शामिल हुए।

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