समस्तीपुर के ग्रामीण इलाकों में अक्सर संक्रमण के कारण गंभीर बीमारी का शिकार होने से अब बेटियां बचाई जा रही है। समस्तीपुर जिला के ग्रामीण इलाकों में महिला और किशोरियां अब मासिक धर्म जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात कर रही हैं। यह सकारात्मक बदलाव जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र और क्राई-चाइल्ड राइट्स एंड यू के सहयोग से शुरू किए गए सैनिटरी नैपकिन पैड बैंक के माध्यम से देखने को मिल रहा है। सरायरंजन प्रखंड के अख्तियारपुर बलभद्र पंचायत अंतर्गत दामोदरपुर महुली गांव की रहने वाली 20 वर्षीय अनुष्का कुमारी इस बदलाव की प्रमुख प्रेरणा बनकर उभरी है। एक समय था जब पुराने कपड़ों से पीरियड्स झेलने वाली अनुष्का कुमारी और उसकी मां पिंकी देवी गांव के किशोरी पंचायत की लीडर बन कर गांव की लड़कियों को स्वच्छता अपनाने की प्रेरणा दे रही है। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र और क्राई (चाइल्ड राइट्स एंड यू) के सहयोग से 15 गांवों में सैनिटरी नैपकिन पैड बैंक स्थापित किए गए हैं। इन बैंकों के माध्यम से कम कीमत पर सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, साथ ही सरायरंजन प्रखंड में सैनिटरी नैपकिन पैड बैंक से बदल रही महिलाओं की जिंदगी, संक्रमण का शिकार होने से बचाई जा रही है बेटियां।
माहवारी से जुड़े भ्रम, मिथक और झिझक को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। अनुष्का कुमारी ने वर्ष 2024 में अपने गांव में तथा 2025 में ग्राम पंचायत राज किसनपुर युसूफ के खालिसपुर गांव के मुसहर बस्ती में सेनिटरी नेपकिन पैड बैंक की शुरुआत की। कम से कम कीमत पर पैड की बिक्री से प्राप्त राशि को फिर से नए स्टाक में लगाया जाता है, जिससे यह पहल लगातार आगे बढ़ रही है। बारहवीं पास कर चुकी अनुष्का अब अपने क्षेत्र की लड़कियों के लिए एक प्रेरणाश्रोत बन चुकी हैं।
सबसे ख़ास बात कि मुसहर समुदाय की किशोरियों और महिलाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिल रही है। गांव की अन्य महिलाएँ और किशोरियां भी इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ रही हैं। अनुष्का कुमारी और इनकी तरह की अन्य किशोरियों की देख-रेख में पैड बैंक का संचालन सुचारु रूप से किया जा रहा है। अनुष्का बताती हैं कि अब हमारी दोस्त, साथी और बहनें पीरियड्स के कारण स्कूल से दूर नहीं रहतीं। उन्होंने जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की ओर से लाइफ स्किल और जागरूकता संबंधी प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। अनुष्का कुमारी बताती है कि यह पैड बैंक अब केवल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं और किशोरियों के लिए संवाद और सीखने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां महिलाएं और किशोरियां एक साथ बैठकर प्रजनन स्वास्थ्य, स्वच्छता और माहवारी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा करती हैं। मुसहर समुदाय की लक्ष्मी कुमारी और शिवानी कुमारी जैसी किशोरियां भी अब दूसरी लड़कियों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रही है। बाल अधिकार परियोजना की क्षेत्रीय कार्यकर्ता किरण कुमारी और वीणा कुमारी के मार्गदर्शन में सैनिटरी नैपकिन पैड बैंक को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए एक संचालन संवाद समूह बनाया गया है, ताकि किशोरियां अपनी समस्याएं और सुझाव आसानी से साझा कर सकें तथा बैंक का संचालन प्रभावी तरीके से चलता रहे।
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार कहते हैं कि, “सैनिटरी नैपकिन पैड बैंक अब केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का माध्यम बन चुकी है।” नौआचक, भागवतपुर, मेयारी, नरघोघी, भोजपुर, खेतापुर, गंगसारा, रायपुर बुज़ुर्ग, बलभद्रपुर महिषी, उदयपुर, खालिसपुर सहित कई गांवों में यह पहल यह साबित कर रही है कि जब महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व करती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव अपने आप दिखाई देने लगता है। जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के सचिव सुरेन्द्र कुमार कहते हैं कि सैनिटरी नैपकिन पैड बैंक अब केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण का माध्यम बन चुका है।























































