वैशाली जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष रंजीत पंडित ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में सर्पदंश, कुत्ता, बिल्ली, बंदर, बिच्छू एवं अन्य विषैले जीवों के काटने पर आवश्यक टीके एवं जीवनरक्षक दवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं सिविल सर्जन, वैशाली को पत्र भेजा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सांप काटने से बचने वाली टिका किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध नहीं है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। वहीं इन अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण काउंटर केवल निर्धारित समय तक ही खुले रहते हैं। रविवार एवं सरकारी अवकाश के दिनों में काउंटर बंद रहने के कारण आपातकालीन मरीजों को समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन एवं अन्य आवश्यक दवाएं नहीं मिल पातीं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।
रंजीत पंडित ने सरकार से मांग की है कि बिहार के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सांप, बिच्छू, कुत्ता, बिल्ली, बंदर एवं अन्य विषैले जीवों के जहर एवं वायरस से बचने वाली टिका एंटी, वैक्सीन एवं अन्य जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, रविवार एवं सरकारी अवकाश सहित सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे (24×7) दवा वितरण की व्यवस्था लागू की जाए तथा आपातकालीन मरीजों के लिए अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्रेशन एवं दवा वितरण की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि समय पर टीके और उपचार उपलब्ध होने से अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसलिए सरकार को इस जनहित के मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक़, हर साल सांपों के काटने से दुनिया भर में 80 हज़ार से एक लाख 30 हज़ार लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से हर साल भारत में औसतन 58 हज़ार लोगों की मौत हो जाती है।
स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़ अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच राज्य में 934 मौतें सांपों के काटने की वजह से हुईं। इसी दौरान सांपों के काटने के कारण सरकारी अस्पतालों में 17,859 मरीज़ इलाज के लिए आए।
मांगे पूरी नहीं होने पर क्रमबद्ध आंदोलन की चेतावनी जिला अध्यक्ष ने दिया है।























































