संजय भारती
समस्तीपुर। हसनपुर प्रखंड के दुधपुरा पंचायत के मुखिया कैलाश महतों ने बताया कि बिहार सरकार की नल-जल योजना ने पीएचडी विभाग के लापरवाही के कारण दुधपुरा पंचायत में पेय जल की संकट उत्पन्न कर दिया है। उन्होंने बताया कि पेय जल के लिए दुधपुरा पंचायत के ग्रामीण जहाँ नल-जल पानी के लिए भटकते फिर रहे हैं, वही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED) विभाग “रोम जल रहा है और रोमियो बंशी बजा रहे थे” बाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। उन्होंने बताया नल-जल की पेयजल का समस्या को लेकर PHED विभाग को प्रायः अवगत कराया जाता है लेकिन विभाग को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, जिसके कारण पंचायत की जनता के नजर में नल-जल का पेयजल की समस्या को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को कोप भाजन का शिकार होना पड़ता है, जबकि पंचायत प्रतिनिधि नल-जल जलमीनार के अनुरक्षकों का मानदेय भुगतान पंचायत की कोष से किया करते हैं। उन्होंने कहा दुधपुरा पंचायत के लगभग प्रत्येक वार्डों में अधिकांशतः लोगों के घरों में नल-जल की टोंटी पाइप छतिग्रस्त है, लेकिन PHED विभाग की मिलीभगत से कुछ ठिकेदार नल-जल की मरम्मती के नाम पर बन्दर बांट कर रहे हैं। जिसके कारण लोगों में सरकार एवं सरकारी नुमाइंदों के प्रति आक्रोश है। और तो और नल-जल जलमीनार के मोटर में किसी भी तरह की खराबी आती है तो विभाग को सूचना दिए जाने के बाबजूद भी महीना-महिनों तक पीएचडी विभाग इसकी सुध लेना उचित नहीं समझते हैं, जिसके कारण पंचायत की जनता को नल-जल की पेयजल पीने को नहीं मिल पाता है। जिससे आहत होकर पंचायत की जनता पंचायत प्रतिनिधियों को भला-बुरा कहने से नहीं चूकते हैं। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि विभाग के वरीय पदाधिकारी खुद दुधपुरा पंचायत में जन-जल की जांच करें तो पीएचडी विभाग की सारी नाकामयाबी सामने दिखाई दिख जायेंगी।





















































